MP सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! अब 25% नहीं, 60% मूंग खरीदेगी सरकार, स्लॉट बुकिंग 10 अगस्त तक बढ़ी
मध्य प्रदेश सरकार ने मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी है। इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त और उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। वहीं, किसानों की शिकायतों को देखते हुए ई-टोकन से खाद वितरण व्यवस्था फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गठित मंत्री समूह की किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में बैठक हुई, जिसमें किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि सरकार ने किसानों के हित को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
अब 25% नहीं, 60% मूंग खरीदेगी सरकार
कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष मध्य प्रदेश के लिए 4.52 लाख मीट्रिक टन ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी का लक्ष्य तय किया है। केंद्र की योजना के तहत पहले किसानों की कुल उपज का अधिकतम 25 प्रतिशत ही MSP पर खरीदा जाना था।
लेकिन किसान संगठनों के साथ हुई चर्चा के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पात्र किसानों से अब 60 प्रतिशत तक मूंग की खरीदी करने का निर्णय लिया है।
सरकार के अनुसार नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में यह सीमा औसतन करीब 3 क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगी। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
स्लॉट बुकिंग के लिए मिला अतिरिक्त समय
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की अवधि भी बढ़ा दी है।
पहले स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 जुलाई तय की गई थी, लेकिन अब किसान 10 अगस्त तक स्लॉट बुक कर सकेंगे। इसके अलावा मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से अधिक से अधिक किसानों को अपनी उपज MSP पर बेचने का अवसर मिलेगा।
ई-टोकन से खाद वितरण फिलहाल स्थगित
बैठक में किसानों ने खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर कई व्यावहारिक समस्याएं भी उठाईं।
इन शिकायतों को देखते हुए राज्य सरकार ने फिलहाल ई-टोकन के जरिए खाद वितरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था भविष्य में किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, लेकिन पहले इसमें सामने आ रही दिक्कतों को दूर किया जाएगा।
समस्याओं के समाधान के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ई-टोकन व्यवस्था की समीक्षा के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
यह समिति किसानों से मिल रही शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का अध्ययन करेगी तथा सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जिसके बाद ही नई व्यवस्था को दोबारा लागू करने पर विचार किया जाएगा।
किसानों को राहत देने की कोशिश
राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना, खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाना और खाद वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने, स्लॉट बुकिंग की अवधि में विस्तार और ई-टोकन व्यवस्था पर अस्थायी रोक जैसे फैसलों को किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इन कदमों से खरीदी प्रक्रिया अधिक सुचारु होगी और अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकेंगे।



