Power Play: PM मोदी पर टिप्पणी से भड़के प्रदीप मिश्रा, बोले यह हमारी संस्कृति नहीं
मध्य प्रदेश की राजनीति में दतिया उपचुनाव के प्रचार थमने के बाद भी सियासी बयानबाजी तेज है। एक ओर भाजपा और कांग्रेस अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं, तो दूसरी ओर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणियों को लेकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई है। इसी बीच दिग्विजय सिंह और भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव की एक साथ आई तस्वीर ने भी राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं।
जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक नारों और टिप्पणियों पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपनी कथा के दौरान कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल भारतीय संस्कृति और संस्कारों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन विरोध की भाषा मर्यादित होनी चाहिए। पंडित मिश्रा ने लोगों से आग्रह किया कि अपनी बात शांतिपूर्ण और सभ्य तरीके से रखें तथा व्यक्तिगत स्तर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग न करें।
दतिया उपचुनाव में प्रचार थमा, अब जीत के दावों की बारी
दतिया विधानसभा उपचुनाव का प्रचार अभियान समाप्त हो चुका है। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी-अपनी जीत के दावे तेज कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस बड़ी बढ़त के साथ चुनाव जीतेगी।
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए वह इस तरह के दावे कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विश्वास जताया कि उपचुनाव में भाजपा को जीत मिलेगी।
दिग्विजय सिंह और गोपाल भार्गव की तस्वीर बनी चर्चा का विषय
प्रचार के अंतिम दिन झांसी के एक होटल से सामने आई तस्वीर ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। तस्वीर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव एक साथ नाश्ता करते नजर आए। वहीं कांग्रेस नेता जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह भी पास में दिखाई दिए।
हालांकि दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बावजूद इसके तस्वीर को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
प्रचार खत्म, अब जनता के फैसले का इंतजार
चुनाव प्रचार के दौरान सभी दलों के नेताओं ने विकास, स्थानीय मुद्दों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच मतदाताओं से समर्थन मांगा। अब प्रचार थम चुका है और उम्मीदवार घर-घर संपर्क अभियान में जुटे हैं।
उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद ही यह साफ होगा कि जनता ने किस दल के दावों पर भरोसा जताया और किसे अपनी पसंद बनाया।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच चुनावी माहौल गरम
दतिया उपचुनाव के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है। एक तरफ नेताओं के दावे, दूसरी तरफ प्रमुख नेताओं की मुलाकातें और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर आ रही प्रतिक्रियाएं चुनावी माहौल को और गर्म कर रही हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें मतदान के बाद आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो प्रदेश की राजनीति की आगे की दिशा तय करेंगे।



