Uttarakhand Monsoon Fury: उत्तराखंड में बारिश का कहर, खतरे के निशान के करीब पहुंचीं नदियां; NH-34 समेत 10 सड़कें बंद
उत्तराखंड में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा और अलकनंदा समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। ऋषिकेश-देवप्रयाग मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 सहित कई सड़कें बंद कर दी गई हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
लगातार बारिश के चलते उत्तराखंड की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। देवप्रयाग के रामकुंड में गंगा नदी का जलस्तर 458 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 463 मीटर है। वहीं अलकनंदा नदी का जलस्तर भी 533 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि खतरे का स्तर 536 मीटर निर्धारित है।
ऋषिकेश के मायकुंड क्षेत्र में भी गंगा नदी खतरे के निशान के बेहद करीब बह रही है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
NH-34 समेत 10 सड़कें बंद, आवाजाही प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण ऋषिकेश-देवप्रयाग को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) बंद कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य राजमार्ग-31 और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली कई सड़कें भी बंद हैं।
सड़कों के बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की टीमें मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।
टिहरी और आसपास के इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त
टिहरी जिले में लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। भिलंगना, बालगंगा और नैलचामी जैसी नदियां भी उफान पर हैं और खतरे के निशान के करीब बह रही हैं।
पिछले 24 घंटे में कीर्तिनगर में लगभग 75 मिलीमीटर और टिहरी में 2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने से आवाजाही बाधित हुई है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा न करने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी है।



