उत्तराखंड

बागेश्वर में भारी बारिश से हाहाकार! 12 सड़कें बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा, स्कूलों में छुट्टी

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार रात से जारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे 12 मोटर सड़कें बंद हो गईं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश घोषित कर दिया है।

मंगलवार रात से शुरू हुई तेज बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में पहाड़ियों से मलबा, बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ सड़क पर आ गिरे। इससे 12 प्रमुख मोटर मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए और ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

सड़कें बंद होने के कारण कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। लोगों को जरूरी सामान, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक सड़कों से मलबा नहीं हटाया जाता, तब तक आवाजाही सामान्य होना मुश्किल है।

सरयू और गोमती नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट

लगातार बारिश के कारण सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएं। यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो कुछ इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात भी पैदा हो सकते हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र किए गए बंद

भारतीय मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं।

हालांकि निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधन से कहा गया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएं।

बंद सड़कें खोलने में जुटीं राहत टीमें

लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों के साथ प्रभावित इलाकों में पहुंच गई हैं। सड़कों पर जमा मलबा, बोल्डर और गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द सभी प्रमुख मार्गों को यातायात के लिए खोलने की कोशिश की जाएगी। राहत और बचाव दल संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

प्रशासन ने लोगों से की विशेष अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और पहाड़ी मार्गों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।

अभी राहत के आसार नहीं, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता और बढ़ा दी है। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो और अधिक सड़कें प्रभावित हो सकती हैं तथा भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।

प्रशासन ने लोगों से कहा है कि घर से निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक से जुड़ी ताजा जानकारी जरूर लें। थोड़ी-सी सावधानी और प्रशासन की सलाह का पालन करके इस प्राकृतिक आपदा के दौरान खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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