उत्तराखंड

Temple Update: चढ़ावे में हेराफेरी के बाद बदरीनाथ का बड़ा फैसला! अब श्रद्धालुओं के सामने होगी हर नोट की गिनती

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने दान की गणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब मंदिर में चढ़ावे की गिनती ऐसे हॉल में होगी, जिसकी दीवारें शीशे की होंगी, ताकि श्रद्धालु भी पूरी प्रक्रिया अपनी आंखों से देख सकें।

चढ़ावा गिनती में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोपों के बाद मंदिर समिति ने परिक्रमा मार्ग पर स्थित गणना कक्ष में शीशे की दीवार लगवा दी है। हॉल के ऊपरी हिस्से में सुरक्षा के लिहाज से जाली भी लगाई गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दान की गिनती पूरी तरह खुले और पारदर्शी माहौल में हो।

अब श्रद्धालु भी देख सकेंगे गिनती की पूरी प्रक्रिया

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार, मंदिर की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालु अब बाहर से ही चढ़ावे की गणना प्रक्रिया देख सकेंगे। हालांकि, गणना कक्ष में प्रवेश केवल सुरक्षा जांच के बाद ही मिलेगा। गणना में शामिल अधिकारी, कर्मचारी और अन्य अधिकृत लोग जांच पूरी होने के बाद ही अंदर जा सकेंगे।

गणना में शामिल कर्मचारियों के लिए बनेगा ड्रेस कोड

गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर अब चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे जवाबदेही और निगरानी दोनों को और मजबूत किया जा सकेगा।

वीआईपी दर्शन और खजाने के रिकॉर्ड भी

उधर, चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच कर रही एसआईटी अब मंदिर के खजाने से जुड़े रिकॉर्ड के साथ-साथ वीआईपी दर्शन के दस्तावेजों का भी मिलान कर रही है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि वीआईपी दर्शन व्यवस्था के दौरान निर्धारित शुल्क की प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं। इसी सिलसिले में गणना प्रक्रिया से जुड़े एक साधु से भी पूछताछ की गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारियां मिली हैं।

चोरी के बाद बदली व्यवस्था, बढ़ी निगरानी

चढ़ावा चोरी प्रकरण के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अब दान की गणना से लेकर रिकॉर्ड के रखरखाव तक हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

श्रद्धालुओं का भरोसा लौटाना होगी सबसे बड़ी चुनौती

बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और चढ़ावा उसी विश्वास का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में पारदर्शी गणना हॉल, सख्त निगरानी, ड्रेस कोड और एसआईटी जांच जैसे कदम केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं हैं, बल्कि श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा मजबूत करने की कोशिश भी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि ये नई व्यवस्थाएं भविष्य में आस्था और जवाबदेही—दोनों को कितना मजबूत बना पाती हैं।

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