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रुचिका सिंह का दावा- FIR के बाद लीक हुआ पता, धमकियों के बीच तीन बार बदलना पड़ा ठिकाना; परिवार ने जताई सुरक्षा की चिंता

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान विवादित टिप्पणी के बाद चर्चा में आई नाबालिग रुचिका सिंह ने अब अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उसका दावा है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद निजी जानकारी सार्वजनिक हो गई, जिसके चलते उसे और उसकी मां को लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि हालात ऐसे बन गए कि उन्हें अब तक कई बार अपना ठिकाना बदलना पड़ा।

रुचिका सिंह के परिवार का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद उससे जुड़ी निजी जानकारी सार्वजनिक हो गई, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई। परिवार का कहना है कि घर का पता सामने आने के बाद लगातार अनजान लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी और सोशल मीडिया पर भी आपत्तिजनक संदेश आने लगे। इसी वजह से उन्हें अपना निवास बदलने का फैसला करना पड़ा।

धमकियों के बीच कई बार बदलना पड़ा ठिकाना

रुचिका का कहना है कि माफी मांगने के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ। परिवार के अनुसार, लगातार मिल रही धमकियों और असुरक्षा की भावना के कारण अब तक तीन अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ा। पहले वे परिचितों के यहां रुके, लेकिन वहां भी स्थिति सामान्य नहीं होने पर किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर चले गए। फिलहाल परिवार सार्वजनिक रूप से अपने वर्तमान ठिकाने की जानकारी साझा नहीं कर रहा है।

वकील ने उठाए कानूनी प्रक्रिया पर सवाल

रुचिका की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज होने के समय लड़की नाबालिग थी और उससे संबंधित कानूनी पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में दर्ज दस्तावेजों में कई ऐसी बातें हैं, जिन पर आगे कानूनी स्तर पर आपत्ति उठाई जाएगी।

सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी का दावा

परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर रुचिका की उम्र, पेशे और निजी जीवन को लेकर कई भ्रामक दावे किए जा रहे हैं। वकील के मुताबिक, वह ओपन स्कूलिंग के माध्यम से दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर प्रसारित कई जानकारियां तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की।

मां-बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता बरकरार

परिवार का कहना है कि लगातार मिल रही ऑनलाइन और ऑफलाइन धमकियों का मानसिक असर दोनों पर पड़ा है। रुचिका की मां अकेले परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं और निजी ट्यूशन के जरिए आजीविका चलाती हैं। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सामान्य जीवन जीना भी चुनौती बन गया है और सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है।

पुलिस कार्रवाई के बाद भी नहीं थमा विवाद

दिल्ली पुलिस द्वारा मामले में आगे कार्रवाई न करने का फैसला और सार्वजनिक रूप से माफी आने के बाद भी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। परिवार का आरोप है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश, धमकियां और निजी जानकारी साझा किए जाने की घटनाएं जारी हैं। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि संवेदनशील मामलों में नाबालिगों की पहचान और निजी जानकारी की गोपनीयता किस तरह सुरक्षित रखी जानी चाहिए। अब परिवार सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है, जबकि मामले पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।

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