राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अलग से जांच नहीं कर रही SIT, पुलिस जांच में कर रही समन्वय
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष जांच टीम यानी SIT को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। SIT अलग से कोई जांच नहीं कर रही, बल्कि अयोध्या पुलिस की जांच में समन्वय और सलाहकार की भूमिका निभा रही है। मामले की जांच सितंबर के अंत तक पूरी होनी है।
अयोध्या के एसएसपी और SIT के सदस्य डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच 90 दिनों के भीतर पूरी करके सितंबर के अंत तक कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIT की ओर से अलग जांच नहीं की जा रही है।
पुलिस जांच में SIT कर रही समन्वय
SIT की टीम पुलिस की चल रही जांच में समन्वय कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, टीम उच्चस्तरीय मानकों के अनुसार जांच अधिकारियों को सलाह भी दे रही है। जांच के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं पर टीम ने काम पूरा कर लिया है और जरूरी जानकारी को पुलिस जांच के साथ जोड़ा जा रहा है।
आरोपियों से पूछताछ में मिले अहम सुराग
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के अनुसार, जेल में बंद आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। इस दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग और दस्तावेज मिले हैं। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
दस्तावेजों को किया जा रहा अपडेट
जांच अधिकारी और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर दस्तावेजों को अपडेट किया जा रहा है। पुलिस अब उपलब्ध दस्तावेजों और पूछताछ से मिली जानकारी को आपस में जोड़कर मामले की कड़ियां स्पष्ट करने में जुटी है।
राम मंदिर की सुरक्षा हुई हाईटेक
राम मंदिर और अयोध्या के दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा को भी मजबूत किया जा रहा है। मंदिर परिसर के आसपास लगाए गए CCTV कैमरों की निगरानी के लिए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम तैयार किया गया है। एसएसपी के मुताबिक, इस कंट्रोल रूम से सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ और यातायात नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
2 सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक
राम मंदिर ट्रस्ट की अगली अहम बैठक 2 सितंबर को मणिराम छावनी में होने वाली है। बैठक को लेकर ट्रस्ट की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, CEO पद के लिए करीब 5200 आवेदन मिले थे, जिन्हें शॉर्टलिस्ट किया जा चुका है। अब चयन के लिए पैनल बनाया जाना है।
ट्रस्ट में खाली पदों पर भी होगा फैसला
ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के तीन खाली पदों पर भी चयन किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता के नाम को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है। बैठक में मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े कई दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
काउंटिंग सुरक्षा पर भी होगी चर्चा
बैठक में मंदिर में चढ़ावे की काउंटिंग सुरक्षा और उससे जुड़े दूसरे इंतजामों पर भी मंथन होगा। बताया गया है कि अयोध्या राजघराने के यतींद्र मोहन मिश्र का नाम भी प्रस्तावित किया गया था, लेकिन फिलहाल इस पर सहमति नहीं बन सकी है।
ट्रस्ट के खाली पदों को लेकर भी मंथन
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के खाली पदों को लेकर संघ और विश्व हिंदू परिषद के बीच अभी पूरी सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में 2 सितंबर की बैठक को इन नियुक्तियों और मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



