राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- परिवारवाद से प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता
लखनऊ में राष्ट्रीय हथकरघा दिसमारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने परिवारवाद, वोट बैंक की राजनीति और पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह-2026 के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों का सम्मान करने के साथ-साथ विपक्ष पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए, लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए और प्रदेश के हथकरघा उद्योग को सबसे बड़ा कुटीर उद्योग बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले विकास कार्यों को वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखा जाता था, जबकि वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास को प्राथमिकता दे रही है।
बुनकरों और कारीगरों को मिला सम्मान
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान करते हुए कहा कि पारंपरिक उद्योग उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान हैं और इन्हें आधुनिक तकनीक तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक भी वितरित किए और कहा कि सरकार कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
परिवारवाद और वोट बैंक की राजनीति पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले प्रदेश में विकास की बजाय वोट बैंक की राजनीति को महत्व दिया जाता था। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति ने उत्तर प्रदेश की प्रगति को लंबे समय तक प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि भाई-भतीजावाद और परिवारवाद के सहारे कोई भी राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। प्रदेश के विकास के लिए पारदर्शिता, ईमानदारी, अनुशासन और जनसेवा की भावना जरूरी है।
कानून व्यवस्था और विकास का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के समय कानून व्यवस्था कमजोर थी और लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था। सड़क, बिजली और अन्य विकास कार्यों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
अखिलेश यादव पर इशारों में तंज
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बिना नाम लिए कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देर से उठते थे, दोपहर तक तैयार होते थे और शाम होते-होते अपनी दुनिया में व्यस्त हो जाते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग जनता की समस्याओं और विकास के लिए समय ही नहीं निकाल पाते थे, वे प्रदेश की प्रगति के बारे में कैसे सोच सकते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का पूरा ध्यान जनता की सेवा और विकास कार्यों पर केंद्रित है।
शिक्षा और पारंपरिक उद्योगों पर सरकार का फोकस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश के कई स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। अनेक विद्यालयों में भवन, शौचालय और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।
उन्होंने कहा कि अब सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ हथकरघा, हस्तशिल्प और अन्य पारंपरिक उद्योगों को भी नई पहचान दिलाने का काम किया है। सरकार का उद्देश्य है कि कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
अब आगे क्या?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले समय में भी बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों के लिए नई योजनाएं लागू करती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। साथ ही उन्होंने दोहराया कि प्रदेश का विकास परिवारवाद या वोट बैंक की राजनीति से नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और सबके साथ विकास की नीति से ही संभव है।



