अल्मोड़ा में बाघ का हमला, घर के पास गई महिला को जंगल में खींच ले गया; वन विभाग अलर्ट
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है और परिजनों को अनुग्रह सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सल्ट क्षेत्र में घर के पास गोबर डालने गई एक महिला पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया और उसे जंगल की ओर घसीट ले गया। काफी देर तक महिला के वापस नहीं लौटने पर ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की, जिसके बाद जंगल से उसका शव बरामद हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
घर से कुछ दूरी पर हुआ अचानक हमला
जानकारी के अनुसार घटना सल्ट विकासखंड के मोहान रेंज अंतर्गत घोड़ीधार क्षेत्र की है। सोमवार सुबह महिला रोज की तरह घर से निकली थी और पास के स्थान पर गोबर फेंकने गई थी। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमला इतना तेज था कि महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला। बाघ उसे जंगल की ओर घसीट ले गया, जिससे आसपास मौजूद लोग भी भयभीत हो गए।
तलाश के बाद जंगल से मिला महिला का शव
जब काफी समय तक महिला घर नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास के इलाके और जंगल में उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद जंगल के भीतर महिला का शव मिला।
घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में बाघ की गतिविधियां बढ़ी हैं और कई बार वन विभाग को इसकी जानकारी भी दी गई थी।
वन विभाग ने मौके पर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर परिस्थितियों का आकलन शुरू किया और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी की व्यवस्था की।
वन विभाग ने क्षेत्र में क्विक रिस्पॉन्स टीम और अन्य अधिकारियों को तैनात किया है। साथ ही विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि वन्यजीव की गतिविधियों का वैज्ञानिक तरीके से आकलन किया जा सके।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल अकेले जंगल या सुनसान स्थानों पर जाने से बचें। यदि किसी भी स्थान पर बाघ या अन्य वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचना दें।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाई जा रही है और स्थानीय लोगों से नियमित फीडबैक भी लिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
परिजनों को मिलेगी 10 लाख रुपये की सहायता
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मृतका के परिजनों को निर्धारित नियमों के तहत 10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच भी जारी है।
मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए विभाग ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।



