करोल बाग में नकली लग्जरी ब्रांड्स पर हाई कोर्ट सख्त, पुलिस और MCD को कार्रवाई के निर्देश
दिल्ली हाई कोर्ट ने करोल बाग के नो-वेंडिंग और नो-हॉकिंग जोन में नकली ब्रांडेड सामान बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस और MCD को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
दिल्ली के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल करोल बाग में नकली ब्रांडेड सामान बेचने वालों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध स्ट्रीट वेंडिंग पर अब बड़ी कार्रवाई हो सकती है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस और नगर निगम (MCD) को निर्देश दिया है कि नो-वेंडिंग और नो-हॉकिंग जोन में नियमों का पूरी सख्ती से पालन कराया जाए। अदालत ने साफ कहा कि मशहूर कंपनियों के नाम पर नकली बैग, कपड़े, जूते और अन्य उत्पाद बेचना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्ट्रीट वेंडर्स की याचिका पर हुई सुनवाई
मामला 24 स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। इन वेंडर्स का कहना था कि उनके पास प्रोविजनल वेंडिंग सर्टिफिकेट हैं, फिर भी उन्हें नगर निगम द्वारा बार-बार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अदालत से सुरक्षा और राहत की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान MCD ने अदालत के सामने ऐसे फोटो और दस्तावेज पेश किए, जिनमें कुछ याचिकाकर्ता अजमल खां रोड के उस हिस्से में कारोबार करते दिखाई दिए, जिसे पहले ही नो-वेंडिंग और नो-हॉकिंग जोन घोषित किया जा चुका है।
नकली ब्रांडेड सामान बेचने पर अदालत की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ वेंडर्स प्रसिद्ध लग्जरी ब्रांड्स के नाम पर नकली बैग, कपड़े, जूते और अन्य सामान बेच रहे थे।
इस पर हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि किसी दूसरे ब्रांड की नकल कर या उसके नाम का इस्तेमाल करके उत्पाद बेचना पूरी तरह गैरकानूनी गतिविधि है। अदालत ने कहा कि यदि जांच में ऐसे आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिबंधित इलाके में वेंडिंग की अनुमति नहीं
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि करोल बाग पुलिस स्टेशन से करोल बाग मेट्रो स्टेशन के बीच अजमल खां रोड के प्रतिबंधित हिस्से में किसी भी स्ट्रीट वेंडर को बैठकर सामान बेचने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
अदालत ने MCD और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई व्यक्ति इस क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसे तुरंत वहां से हटाया जाए।
पैदल यात्रियों की सुविधा को दी प्राथमिकता
अदालत ने कहा कि सार्वजनिक सड़कें और फुटपाथ आम लोगों की आवाजाही के लिए होते हैं। यदि उन पर अवैध कब्जे या वेंडिंग होगी तो इससे पैदल चलने वालों को परेशानी होगी और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
खासकर करोल बाग मेट्रो स्टेशन तक जाने वाले रास्ते को हर समय खुला और बाधारहित रखना जरूरी है, ताकि लोगों को आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ी
हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब दिल्ली पुलिस और MCD की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। दोनों एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नो-वेंडिंग जोन में किसी तरह का अवैध कब्जा न हो और नकली ब्रांडेड सामान की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए।इसके साथ ही प्रशासन को यह संतुलन भी बनाना होगा कि वैध वेंडिंग करने वाले लोगों के अधिकार प्रभावित न हों, जबकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए।
हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद करोल बाग क्षेत्र में संयुक्त अभियान तेज होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और MCD आने वाले दिनों में नो-वेंडिंग और नो-हॉकिंग जोन में विशेष अभियान चलाकर अवैध वेंडिंग और नकली ब्रांडेड सामान बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में कानून व्यवस्था बनाए रखना, उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से बचाना और सार्वजनिक स्थानों पर सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करना है।



