उत्तराखंड

कांवड़ यात्रा के बीच बढ़ा गंगा का जलस्तर, हरिद्वार में अलर्ट; प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

हरिद्वार में लगातार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा है, जबकि कांवड़ यात्रा सुरक्षा इंतजामों के बीच जारी है।

धर्मनगरी हरिद्वार में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी का पानी चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंचने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हालांकि मौसम की चुनौती के बावजूद कांवड़ यात्रा बिना रुके जारी है और बड़ी संख्या में शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है तथा लोगों से नदी किनारे अनावश्यक जाने से बचने की अपील की है।

लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव

बीती रात से जारी तेज बारिश का असर हरिद्वार शहर के कई हिस्सों में देखने को मिला। अनेक स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और लाटोवाली समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। नगर निगम की टीमें लगातार पंपों के जरिए पानी निकालने और रास्तों को सामान्य बनाने में जुटी रहीं।

बारिश के बीच भी नहीं रुकी कांवड़ यात्रा

खराब मौसम के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। हजारों कांवड़िए “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ निर्धारित मार्गों से अपनी यात्रा जारी रखे हुए हैं।

यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें हाईवे तथा कांवड़ पटरी पर लगातार निगरानी कर रही हैं। भीड़ को नियंत्रित रखने और यातायात व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किया गया है।

गंगा का जलस्तर चेतावनी सीमा के करीब

लगातार वर्षा और पहाड़ी इलाकों से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के कारण भीमगोड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

गुरुवार सुबह दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार नदी का स्तर 292.75 मीटर तक पहुंच गया, जो चेतावनी स्तर 293 मीटर से महज 25 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर

स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग, आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

गंगा किनारे जाने से बचने की अपील

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से गंगा के किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

प्रशासन का कहना है कि तेज बहाव के कारण नदी के आसपास लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए सभी घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

जल निकासी के लिए लगातार काम जारी

नगर निगम की टीमें जलभराव वाले इलाकों में लगातार पंपिंग कर रही हैं ताकि सड़कों पर जमा पानी जल्द निकाला जा सके।

जहां-जहां पानी भरने की शिकायतें मिली हैं, वहां कर्मचारियों की विशेष तैनाती की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि कांवड़ यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।

आपदा से निपटने की पूरी तैयारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस, आपदा प्रबंधन, सिंचाई विभाग और नगर निगम के बीच समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव की तैयारियां पूरी रखी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और गंगा के जलस्तर की हर पल निगरानी की जा रही है तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

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