बिट्टू के इस्तीफे के बाद किसे मिलेगी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी? चुघ से जाखड़ तक कई नामों की चर्चा
रवनीत सिंह बिट्टू के केंद्रीय राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पंजाब से नए केंद्रीय मंत्री को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल के बीच कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, हालांकि भाजपा ने अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 24 जुलाई 2026 को रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। इसके बाद रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का पद खाली हो गया है। अब केंद्र सरकार पंजाब से नए चेहरे की तलाश में जुटी हुई है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम फैसला
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह फैसला 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर लिया जा सकता है। भाजपा ऐसे नेता को आगे लाना चाहती है जो संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य में पार्टी का जनाधार भी बढ़ा सके।
तरुण चुघ सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल
चर्चा में सबसे प्रमुख नाम भाजपा के वरिष्ठ नेता तरुण चुघ का है। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व के साथ करीबी संबंधों को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है। हाल ही में राज्यसभा पहुंचने के बाद उनकी दावेदारी और मजबूत मानी जा रही है।
राघव चड्ढा और विक्रमजीत साहनी के नाम भी चर्चा में
राजनीतिक गलियारों में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और विक्रमजीत सिंह साहनी के नाम भी चर्चा में बताए जा रहे हैं।
- राघव चड्ढा को युवा और संसदीय अनुभव वाले नेता के रूप में देखा जा रहा है।
- अशोक मित्तल की शिक्षा और उद्योग जगत में मजबूत पहचान रही है।
- विक्रमजीत सिंह साहनी को कारोबारी, समाजसेवी और प्रवासी भारतीयों के बीच प्रभावशाली माना जाता है।
सुनील जाखड़ का नाम भी मजबूत दावेदारों में
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ को भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। उनकी साफ-सुथरी छवि, प्रशासनिक अनुभव और किसान परिवार से जुड़ाव को उनकी बड़ी ताकत माना जाता है।
हालांकि, वह फिलहाल संसद सदस्य नहीं हैं। यदि उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जाता है तो संवैधानिक प्रावधानों के तहत छह महीने के भीतर लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य बनना होगा।
बिट्टू की नई भूमिका पर भी अटकलें
केंद्रीय मंत्री पद छोड़ने के बाद भी रवनीत सिंह बिट्टू की भाजपा में सक्रिय भूमिका बने रहने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, पार्टी उन्हें पंजाब में कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंप सकती है।
फिलहाल किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं
भले ही कई नेताओं के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हों, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। ऐसे में पंजाब से नए केंद्रीय मंत्री का नाम संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल के दौरान ही साफ हो सकेगा।



