फिरोजपुर-जम्मू ट्रेन को उड़ाने की बड़ी साजिश नाकाम, 17 आरोपी गिरफ्तार; IED, ग्लॉक पिस्टल और विस्फोटक बरामद
पंजाब पुलिस ने फिरोजपुर से जम्मू जाने वाली ट्रेन को निशाना बनाने की कथित आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान IED, 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, विस्फोटक सामग्री और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने फिरोजपुर-जम्मू रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेन में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) लगाकर बड़ा विस्फोट करने की योजना बनाई थी। सुरक्षा एजेंसियों को समय पर मिली सूचना और तेज कार्रवाई के चलते इस साजिश को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही विफल कर दिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि यह योजना सफल हो जाती तो बड़ी संख्या में यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
विदेश में बैठा मास्टरमाइंड चला रहा था नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड इकबाल सिंह उर्फ रवि ढालीवाल है, जो फिलहाल यूनाइटेड किंगडम (UK) में रह रहा है। पुलिस का दावा है कि वही विदेश से अपने सहयोगियों के जरिए इस पूरे मॉड्यूल का संचालन कर रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि 8 जुलाई को मोगा के सदर थाना परिसर में हुए कम तीव्रता वाले ग्रेनेड विस्फोट में भी इसी नेटवर्क की भूमिका होने की आशंका है।
17 गिरफ्तार, जांच के लिए बनीं 10 विशेष टीमें
फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले विजय ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मोगा की अगुवाई में 10 विशेष जांच टीमें गठित की गई थीं।
लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच के बाद अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें गगन उर्फ अकाली, सुखमिंदर उर्फ बिंदर और राजेश प्रमुख आरोपी बताए जा रहे हैं। तीनों फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं और इन पर मोगा के सदर थाने में ग्रेनेड फेंकने का आरोप है।
पूछताछ में कई अहम खुलासे
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पूरे नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में पता चला कि साजिश को विदेश में बैठे कथित हैंडलर अमन उर्फ नजर और रवि ढंडवाल उर्फ इकबाल निर्देशित कर रहे थे। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क को आर्थिक मदद, हथियार और अन्य संसाधन कहां से उपलब्ध कराए गए।
हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, उसकी मैगजीन, एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), उससे जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामद सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि विस्फोटक की क्षमता और उसकी तकनीकी संरचना का पता लगाया जा सके।
आईजी नीलांबरी जगदले विजय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में केवल हमले की योजना बनाने वाले ही नहीं, बल्कि वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में लॉजिस्टिक, वित्तीय या अन्य तरह की सहायता उपलब्ध कराई। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जिन्होंने इस नेटवर्क को संसाधन, ठिकाना या आर्थिक सहयोग दिया।
सोशल मीडिया कनेक्शन की भी जांच
पुलिस सोशल मीडिया पर घटना की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन और उससे जुड़े विदेशी हैंडलरों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार किन-किन देशों और संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।



