पंजाब

पंजाब विधानसभा में कई ऐतिहासिक बिल पास, चूड़ा ने बताई सरकार की बड़ी उपलब्धियां

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में जनहित और विकास से जुड़े कई अहम बिल सर्वसम्मति से पास हुए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इन विधेयकों पर सदन में सार्थक चर्चा हुई और शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण, महिलाओं तथा कर व्यवस्था से जुड़े बड़े फैसले लिए गए।

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए इन विधेयकों और सरकार के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सदन में सरकार और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने विधेयकों पर विस्तार से चर्चा की। इन फैसलों में निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण, आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर नई व्यवस्था, डिजिटल विश्वविद्यालयों की स्थापना और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे शामिल हैं। सरकार ने दावा किया कि इन फैसलों का सीधा असर आम लोगों और राज्य के विकास पर पड़ेगा।

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगेगी लगाम

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में करीब 32 लाख बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। निजी स्कूलों की फीस और दूसरे शुल्क को लेकर अभिभावकों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने के लिए ‘द पंजाब रेगुलेशन एंड फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस संशोधन बिल 2026’ पारित किया गया है।

नए प्रावधान के तहत निजी स्कूल अब सालाना फीस में अधिकतम 5 फीसदी तक ही बढ़ोतरी कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे अभिभावकों को मनमानी फीस वृद्धि और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था

कर्मचारियों से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को भी विधानसभा ने मंजूरी दी है। ‘द पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सोनल ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉयमेंट बिल 2026’ के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सरकार के मुताबिक इससे आउटसोर्सिंग कंपनियों और ठेकेदारों के जरिए कर्मचारियों के वेतन में होने वाली कथित कटौती पर रोक लगेगी। सफाई सेवक, सीवरमैन, फायर ब्रिगेड और बिजली बोर्ड जैसे जोखिम वाले कामों में लगे कर्मचारियों को सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर लाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्हें सुरक्षा और कानूनी अधिकार देने की बात भी कही गई है।

पंजाब में स्थापित होंगी तीन डिजिटल यूनिवर्सिटियां

शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब में तीन नई डिजिटल यूनिवर्सिटियां स्थापित की जा रही हैं।

इनमें होशियारपुर में क्लाउड यूनिवर्सिटी, पटियाला में एमएस डिजिटल यूनिवर्सिटी और पटियाला में ही फिजिक्स आधारित डिजिटल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के दौर में ये संस्थान युवाओं को नए अवसर देंगे और राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में योगदान करेंगे।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर

विधानसभा में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ा प्रस्ताव भी सामने आया। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा की ओर से महिलाओं की स्थिति मजबूत करने से संबंधित प्रस्ताव रखा गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान आधे से अधिक जिलों में महिला SSP और महिला DC की तैनाती की गई है। इसके अलावा ‘माता-धीयां सत्कार योजना’ के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एक पेड़ कटेगा तो 10 नए पेड़ लगाने होंगे

पर्यावरण संरक्षण के लिए विधानसभा में पंजाब ट्रीज एक्ट भी पारित किया गया है। इसके तहत विकास कार्यों के लिए अगर एक पेड़ काटा जाता है तो उसकी जगह 10 नए पेड़ लगाना अनिवार्य होगा।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से राज्य में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में इसे अहम कदम बताया गया है।

GST और पंचायती राज से जुड़े बिल भी पास

विधानसभा में GST एक्ट संशोधन बिल और पंचायती राज बिल 2026 को भी मंजूरी दी गई। GST से जुड़े संशोधन का उद्देश्य इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ी समस्याओं को दूर करना और टैक्स व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना बताया गया है।

वहीं पंचायती राज से जुड़ा विधेयक राज्य में स्थानीय स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भूजल बचाने के लिए नहरी पानी का विस्तार

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार भूजल के गिरते स्तर को रोकने के लिए नहरी पानी को ज्यादा से ज्यादा खेतों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है।

उन्होंने गुरु साहिबानों के संदेश “पवणु गुरु पानी पिता माता धरत महत” का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य नहरी पानी को पंजाब के हर खेत के आखिरी छोर तक पहुंचाना है। इससे किसानों की भूजल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने सदन की चर्चा को बताया सार्थक

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विधेयकों पर सरकार और विपक्ष के सदस्यों ने सार्थक चर्चा की। उन्होंने सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए कहा कि विधानसभा में पारित किए गए ये फैसले पंजाब के लोगों और राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावित करेंगे।

निजी स्कूलों की फीस से लेकर कर्मचारियों, डिजिटल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और भूजल संरक्षण तक-मानसून सत्र में सरकार ने कई क्षेत्रों से जुड़े फैसलों को आगे बढ़ाने का दावा किया है।

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