पंजाब

नकली घी से नकली मसालों तक बड़ा खुलासा, 4 राज्यों में छापे; हजारों लीटर घी और भारी मात्रा में मिलावटी सामान जब्त

गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में खाद्य पदार्थों में मिलावट के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। नकली घी, मिलावटी मसाले और खतरनाक रसायनों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां पूरे सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हैं।

देश में खाद्य पदार्थों में मिलावट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग कार्रवाई के दौरान नकली घी, मिलावटी मसालों और संदिग्ध रसायनों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं बल्कि कई राज्यों तक फैले सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। बरामद सामग्री के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

अहमदाबाद में नकली घी बनाने की फैक्ट्री का खुलासा

गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस और संबंधित विभागों ने एक ऐसी इकाई का पता लगाया जहां कथित तौर पर वनस्पति तेल और रासायनिक पदार्थों की मदद से घी जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 30 हजार लीटर तैयार सामग्री और बड़ी मात्रा में ऐसे रसायन बरामद किए गए, जिनके इस्तेमाल की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार बरामद उत्पाद देखने में असली घी जैसा प्रतीत हो रहा था। इसी कारण यह आशंका जताई जा रही है कि इसे विभिन्न बाजारों में असली उत्पाद बताकर बेचा जा सकता था।

पहले भी सामने आ चुका था नाम

जांच में यह भी सामने आया कि इस कारोबार से जुड़े मुख्य आरोपी पर पहले भी इसी तरह के आरोप लग चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब यह पता लगाया जा रहा है कि हाल के वर्षों में किन-किन राज्यों में इस नेटवर्क के माध्यम से सामान की आपूर्ति की गई।

लुधियाना में भी संदिग्ध घी की खेप जब्त

पंजाब के लुधियाना में भी कार्रवाई के दौरान हजारों लीटर संदिग्ध घी बरामद किया गया। शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई कि यह खेप गुजरात से मंगाई गई थी। कम कीमत पर बड़े पैमाने पर बिक्री किए जाने के कारण प्रशासन को संदेह हुआ, जिसके बाद छापेमारी की गई।

फिलहाल पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया गया है और उसकी गुणवत्ता की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच कराई जा रही है।

कानपुर में मिलावटी मसालों का बड़ा मामला

उत्तर प्रदेश के कानपुर में भी एक फैक्ट्री पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में कथित मिलावटी मसाले बरामद किए गए। जांच एजेंसियों का कहना है कि हल्दी, मिर्च और अन्य मसालों को तैयार करने के लिए रंग और अन्य पदार्थों का उपयोग किया जा रहा था। मौके से बड़ी मात्रा में तैयार माल और कच्चा सामान भी बरामद हुआ।

अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन उत्पादों की सप्लाई किन जिलों और राज्यों तक की जा रही थी।

हैदराबाद में मसालों पर कार्रवाई

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने अलग-अलग दुकानों पर जांच के दौरान संदिग्ध मसाले जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार कुछ उत्पादों की चमक और रंग बढ़ाने के लिए ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है जिनकी जांच की जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।

देशभर में चिंता का विषय बनी खाद्य मिलावट

विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। नकली या मिलावटी उत्पाद लंबे समय तक सेवन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न राज्यों में हुई इन कार्रवाइयों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। यदि अलग-अलग मामलों के बीच कोई समान नेटवर्क सामने आता है तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल बरामद नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

उपभोक्ताओं को बरतनी होगी सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत कम कीमत पर मिलने वाले घी, मसाले या अन्य खाद्य उत्पाद खरीदते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। पैकेजिंग, ब्रांड, निर्माण संबंधी जानकारी और गुणवत्ता प्रमाणन की जांच करना जरूरी है। यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसकी सूचना संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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