Economy Watch: भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी इकोनॉमी, GDP 3.92 ट्रिलियन डॉलर
भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ने संसद में अहम जानकारी दी है। IMF के अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन डॉलर रही और देश दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
राज्यसभा में मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि IMF की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा अमेरिकी डॉलर विनिमय दर पर भारत की नॉमिनल GDP 3.92 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। इसी आधार पर भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। सरकार का कहना है कि आर्थिक विकास की रफ्तार को और बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसमें कृषि, विनिर्माण, MSME, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, डिजिटलाइजेशन और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है।
अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की तैयारी
सरकार ने विकास क्षमता बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादकता सुधारने और विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना, MSME को मजबूत करने, पीएम गति शक्ति और नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी के जरिए बुनियादी ढांचे तथा माल ढुलाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही रिसर्च, इनोवेशन और डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने पर भी फोकस है।
निवेश और कारोबार बढ़ाने पर जोर
सरकार के मुताबिक सरकारी पूंजीगत खर्च, उदार FDI नीति और डायरेक्ट टैक्स तथा GST सुधारों के जरिए निवेश का माहौल बेहतर किया जा रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और आर्थिक साझेदारी के जरिए भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की कोशिश भी जारी है।
सरकारी बैंकों का घटा एनपीए
संसद में सरकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को लेकर भी जानकारी दी गई। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सकल एनपीए 31 मार्च 2024 के 3.39 लाख करोड़ रुपये से घटकर 31 मार्च 2026 को 2.45 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसी अवधि में GNPA अनुपात 3.47 प्रतिशत से घटकर 1.93 प्रतिशत हो गया।
बैंक फ्रॉड के मामलों में भी बड़ी गिरावट
सरकार के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रिपोर्ट किए गए धोखाधड़ी के मामले 2023-24 में 54,850 से घटकर 2025-26 में 5,786 रह गए। पिछले तीन वर्षों में 5,147 मामलों में कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई, जबकि धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार उधारकर्ताओं के खिलाफ 9,451 मामलों में FIR दर्ज की गई।
86,917 करोड़ रुपये से ज्यादा की अनक्लेम्ड रकम
RBI की जानकारी के अनुसार 30 जून 2026 तक DEA फंड में जमा बिना दावे वाली रकम 86,917.08 करोड़ रुपये थी। वहीं इसी फंड से बैंकों को दावेदारों को भुगतान की गई रकम की भरपाई के तौर पर 17,414.68 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। सरकार ने बताया कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ बैंकिंग व्यवस्था और वित्तीय अनुशासन को बेहतर बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।



