राजनीतिक

संसद में पीएम मोदी और शरद पवार की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, सुप्रिया सुले भी रहीं मौजूद

संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही शरद पवार छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे थे।

बुधवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार की मुलाकात हुई। इस दौरान एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की आत्मीय बातचीत की तस्वीरें सामने आईं, जिनमें दोनों नेता एक-दूसरे का हाथ थामे दिखाई दिए।

हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

मुलाकात के समय को लेकर बढ़ी चर्चा

इस मुलाकात का समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक दिन पहले ही शरद पवार और सुप्रिया सुले दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना भी की थी।

ऐसे में अगले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

छात्र आंदोलन को दिया था खुला समर्थन

जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शरद पवार ने कहा था कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि आंदोलन से जुड़े मुद्दों को संसद के भीतर भी उठाया जाएगा और जवाबदेही तय होने तक उनका समर्थन जारी रहेगा। सुप्रिया सुले भी इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहीं और घायल प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।

विपक्ष के कई नेता भी पहुंचे थे जंतर-मंतर

छात्र आंदोलन के समर्थन में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत और अरविंद सावंत, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, आप नेता गोपाल राय, केरल कांग्रेस (एम) के नेता जोस के. मणि और वाम दलों के कई सांसद भी जंतर-मंतर पहुंचे थे।

इन नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।

कई मांगों को लेकर जारी है आंदोलन

छात्रों और CJP कार्यकर्ताओं का आंदोलन पिछले महीने से जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने जैसी मांगें उठा रहे हैं।

इसी बीच संसद परिसर में प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। हालांकि, दोनों नेताओं की इस बैठक का एजेंडा क्या था, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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