बिज़नेस

बिना बीमा नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, केंद्र से मांगा ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ प्लान

क्या भविष्य में बिना वैध वाहन बीमा के पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा? सड़क सुरक्षा और बिना बीमा चलने वाले वाहनों पर सख्ती के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ‘No Insurance, No Fuel’ नीति पर विस्तृत योजना मांगी है। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को बेहतर सुरक्षा और कानून के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

नई दिल्ली: सड़क सुरक्षा और दुर्घटना पीड़ितों को समय पर मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अदालत ने केंद्र सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) और भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) से एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा है, जिसके तहत वैध थर्ड-पार्टी वाहन बीमा (Third Party Insurance) नहीं होने पर पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं दिया जाएगा।

क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश?

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं। ऐसे में IRDAI और सड़क परिवहन मंत्रालय मिलकर एक पायलट योजना तैयार करें, जिसमें पेट्रोल पंप पर ईंधन देने से पहले वाहन का बीमा सत्यापित किया जाए। यदि वाहन का बीमा वैध नहीं है, तो उसे तब तक पेट्रोल या डीजल न दिया जाए, जब तक बीमा नहीं कराया जाता।

सुप्रीम कोर्ट ने चिंता क्यों जताई?

अदालत ने कहा कि संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार देश में लगभग 56 प्रतिशत वाहन बिना वैध बीमा के चल रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों और उनके परिवारों को मुआवजा मिलने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अदालत ने इसे बेहद चिंताजनक स्थिति बताया।

सिर्फ ईंधन ही नहीं, तकनीक का भी होगा इस्तेमाल

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई अन्य सुझाव भी दिए हैं—

* ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरों को VAHAN और बीमा डेटाबेस से जोड़ा जाए।
* बिना बीमा वाले वाहनों की स्वतः पहचान कर ई-चालान जारी किए जाएं।
* ट्रैफिक पुलिस को मोबाइल ऐप या हैंडहेल्ड डिवाइस दिए जाएं ताकि मौके पर ही वाहन के बीमा की जांच की जा सके।
* नई निजी कारों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष और नई दोपहिया वाहनों के लिए 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करने की व्यवस्था लागू की जाए। (Bar and Bench – Indian Legal news⁠)

क्या अभी से पेट्रोल पंप पर ईंधन बंद हो जाएगा?

नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में तत्काल यह व्यवस्था लागू नहीं की है। अदालत ने फिलहाल केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। यानी पहले चुनिंदा क्षेत्रों में इस व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सरकार आगे की नीति तय करेगी। (India Today⁠)

आम लोगों के लिए क्या संदेश?

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो वाहन मालिकों के लिए समय पर थर्ड-पार्टी बीमा का नवीनीकरण कराना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ितों को कानूनी रूप से मिलने वाला मुआवजा सुरक्षित रहे और बिना बीमा वाले वाहनों की संख्या कम हो।

Related Articles

Back to top button