भारतीय हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर छिड़ा विवाद, प्रियंका गांधी बोलीं- ‘युवा देश की राय साफ कर चुके हैं’
FIH हॉकी विश्व कप 2026 से पहले भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई भगवा (केसरिया) जर्सी को लेकर राजनीतिक और खेल जगत में बहस तेज हो गई है। पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने जर्सी के रंग में बदलाव पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देश के युवा अपनी राय स्पष्ट कर चुके हैं। दूसरी ओर, हॉकी इंडिया ने नई जर्सी के डिजाइन और रंग का बचाव किया है।
हॉकी इंडिया ने 2026 FIH हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय पुरुष और महिला टीमों के लिए नई जर्सी लॉन्च की है। इस जर्सी का प्रमुख रंग केसरिया (भगवा) रखा गया है, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया।
भारत के पूर्व हॉकी कप्तान विरेन रस्किन्हा ने जर्सी के पारंपरिक नीले रंग से हटने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि भारतीय हॉकी टीम की पहचान लंबे समय से नीली जर्सी रही है और इस बदलाव पर पुनर्विचार होना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चाहे यूनिफॉर्म बदली जाए या शिक्षा नीति के जरिए इतिहास को बदलने की कोशिश की जाए, देश के युवाओं ने अपनी सोच स्पष्ट कर दी है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वही देश की वास्तविक आवाज हैं।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई अहिंसा, सत्य और भाईचारे के मूल्यों पर आधारित थी और देश की मूल भावना को कोई भी खत्म नहीं कर सकता।
हॉकी इंडिया ने क्यों चुना केसरिया रंग?
विवाद के बीच हॉकी इंडिया ने नई जर्सी के डिजाइन और रंग को लेकर अपना पक्ष भी रखा है। संस्था के अनुसार, केसरिया रंग साहस, त्याग और विजय का प्रतीक है। यह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और उगते सूरज से प्रेरित नई शुरुआत का संदेश देता है।
हॉकी इंडिया का कहना है कि नई जर्सी का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, विरासत और आधुनिक खेल भावना को एक साथ प्रदर्शित करना है।
नई जर्सी में क्या हैं खास फीचर्स?
हॉकी इंडिया के अनुसार नई जर्सी में कई भारतीय सांस्कृतिक तत्वों को शामिल किया गया है।
- मंडला (Mandala) से प्रेरित डिजाइन
- अशोक चक्र से प्रेरित गहरे नेवी ब्लू पैटर्न
- छाती पर सुदर्शन चक्र का आधुनिक स्वरूप
- कंधों और किनारों पर तिरंगे की पाइपिंग
- देवनागरी लिपि में लिखा ‘इंडिया’
- ओडिशा के भारतीय हॉकी में योगदान को दर्शाने वाली ब्रांडिंग
संस्था का कहना है कि यह जर्सी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाती है।
खेल से राजनीति तक पहुंचा विवाद
जर्सी के रंग को लेकर शुरू हुई बहस अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गई है। एक तरफ पूर्व खिलाड़ी पारंपरिक पहचान बनाए रखने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
हालांकि, हॉकी इंडिया का कहना है कि नई जर्सी केवल भारतीय टीम की नई पहचान और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
अब देखना होगा कि आगामी FIH हॉकी विश्व कप 2026 में यह नई जर्सी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच कैसी प्रतिक्रिया हासिल करती है, लेकिन फिलहाल इसके रंग को लेकर चर्चा लगातार जारी है।



