जंतर-मंतर बना सियासी रणक्षेत्र, छात्रों के आंदोलन में कूदी AAP; पुलिस से भिड़े बड़े नेता, बैरिकेड पर मचा बवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचे। इस दौरान कई नेताओं की दिल्ली पुलिस के साथ बहस और धक्का-मुक्की भी हुई, जबकि कुछ नेताओं ने बैरिकेड पार करने की भी कोशिश की।
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेताओं की मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता लगातार प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उनके समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। इससे पहले भी AAP के कई नेता आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हो चुके थे। कुछ नेताओं ने भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों से मुलाकात की, जबकि सोमवार के प्रदर्शन में भी पार्टी की सक्रिय भूमिका देखने को मिली। नेताओं ने इस दौरान केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि अब देश की जनता डर और दबाव की राजनीति से बाहर निकल रही है और अपने अधिकारों के लिए खुलकर आवाज उठा रही है। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जब AAP नेता प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और पार्टी नेताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई।
संजय सिंह की पुलिस से हुई तीखी बहस
राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिस पर संजय सिंह की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। मौके पर कुछ देर तक तनाव का माहौल बना रहा और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।
आतिशी ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक आतिशी भी आंदोलन में सक्रिय नजर आईं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
इस दौरान पुलिस और आतिशी के बीच हल्की झड़प भी हुई। आतिशी ने कहा कि जब तक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
सौरभ भारद्वाज ने लाठीचार्ज पर उठाए सवाल
AAP नेता सौरभ भारद्वाज भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उनके मुताबिक सरकार परीक्षा से जुड़े विवादों का समाधान करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
अखिलेश त्रिपाठी का वीडियो हुआ वायरल
मॉडल टाउन से AAP के पूर्व विधायक अखिलेश त्रिपाठी भी प्रदर्शन के दौरान चर्चा का केंद्र बने रहे। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें बैरिकेड सहित हटाने की कोशिश की। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें पुलिस और अखिलेश त्रिपाठी के बीच धक्का-मुक्की साफ दिखाई दे रही है।
प्रदर्शन के बाद और तेज हुई सियासत
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी लगातार आंदोलनकारियों के समर्थन में खुलकर सामने आ रही है और केंद्र सरकार को घेर रही है।
वहीं, विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की मांगों पर जवाब देने के बजाय सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद और सियासत दोनों में प्रमुखता से गूंजता रहेगा।



