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राज्यसभा में बढ़ी ₹100 करोड़ क्लब वाले सांसदों की संख्या, 12 साल में 4 से बढ़कर 31 हुई

ADR की जून 2026 रिपोर्ट के मुताबिक राज्यसभा के 226 विश्लेषित सांसदों में 31 ने ₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति घोषित की है। जानिए पार्टी और राज्यवार आंकड़े।

नई दिल्ली । दीपक झा

राज्यसभा को संसद का उच्च सदन कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां पहुंचने वाले सांसदों की आर्थिक प्रोफाइल में बड़ा बदलाव दिखाई देता है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यसभा के विश्लेषण किए गए 226 सांसदों में से 31 सांसदों ने ₹100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। यानी करीब 14 फीसदी सांसद इस श्रेणी में हैं।

ADR और नेशनल इलेक्शन वॉच ने 233 मौजूदा राज्यसभा सांसदों में से 226 के चुनावी हलफनामों का विश्लेषण किया है। इन सांसदों की औसत घोषित संपत्ति ₹115.25 करोड़ और कुल घोषित संपत्ति करीब ₹26,047 करोड़ है।

2026 में करीब हर सातवां सांसद ₹100 करोड़ क्लब में

ADR के मुताबिक, 226 सांसदों में 31 की घोषित संपत्ति ₹100 करोड़ से ज्यादा है। यह कुल विश्लेषण किए गए सांसदों का करीब 14 फीसदी है। यानी मौजूदा आंकड़ों में लगभग हर सातवां विश्लेषित राज्यसभा सांसद ₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति वाले वर्ग में आता है।

हालांकि, ये आंकड़े सांसदों द्वारा चुनावी हलफनामों में घोषित संपत्ति पर आधारित हैं। औसत संपत्ति पर बेहद ज्यादा संपत्ति वाले कुछ सांसदों का भी बड़ा असर पड़ता है।

अलग-अलग वर्षों में कैसे बदली तस्वीर?

ADR के उपलब्ध आंकड़ों में समय के साथ राज्यसभा सांसदों की घोषित संपत्ति में बढ़ोतरी दिखाई देती है। 2018 की ADR रिपोर्ट में औसत संपत्ति करीब ₹55.62 करोड़ थी, जबकि जून 2026 की रिपोर्ट में यह बढ़कर ₹115.25 करोड़ हो गई है।

2024 की ADR रिपोर्ट में भी 225 विश्लेषित सांसदों में 31 सांसदों यानी 14 फीसदी ने ₹100 करोड़ से अधिक संपत्ति घोषित की थी। इससे पता चलता है कि ₹100 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले सांसदों की मौजूदगी राज्यसभा की मौजूदा सदस्यता में लगातार बनी हुई है।

किस पार्टी के कितने सांसद ₹100 करोड़ क्लब में?

ADR की जून 2026 रिपोर्ट के मुताबिक प्रमुख दलों में ₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले सांसदों की संख्या इस प्रकार है:

  • BJP: 107 में से 7 सांसद
  • Congress: 29 में से 6 सांसद
  • YSRCP: 4 में से 2 सांसद
  • TDP: 4 में से 2 सांसद
  • BRS: 3 में से 2 सांसद
  • NCP: 4 में से 2 सांसद

छोटे दलों में कुछ मामलों में यह अनुपात ज्यादा दिखाई देता है, लेकिन अलग-अलग दलों की कुल सदस्य संख्या अलग होने के कारण इन आंकड़ों को उसी संदर्भ में देखना जरूरी है।

सबसे ज्यादा संपत्ति वाले सांसद कौन?

ADR के उपलब्ध हलफनामे के आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना से BRS सांसद डॉ. बंदी पार्थ सारथी रेड्डी की घोषित संपत्ति करीब ₹5,300 करोड़ है। उनके बाद पंजाब से राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता और अन्य बड़े संपत्ति वाले सांसद शामिल हैं।

ADR के रिकॉर्ड में बंदी पार्थ सारथी रेड्डी की कुल घोषित संपत्ति ₹5,300 करोड़ से अधिक दर्ज है।

राज्यसभा सांसदों की कुल घोषित संपत्ति कितनी?

जून 2026 की रिपोर्ट में राज्यसभा के 226 सांसदों की कुल घोषित संपत्ति ₹26,047 करोड़ बताई गई है। इन सांसदों की औसत घोषित संपत्ति ₹115.25 करोड़ है।

तेलंगाना और आंध्र के सांसदों के पास बड़ी हिस्सेदारी

राज्यवार आंकड़ों में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश खास तौर पर सामने आते हैं।

ADR के मुताबिक, तेलंगाना के 7 में से 4 सांसद यानी 57 फीसदी और आंध्र प्रदेश के 11 में से 5 सांसद यानी 45 फीसदी ने ₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति घोषित की है।

ओडिशा में 10 में से 3, पंजाब में 7 में से 2 और गुजरात में 11 में से 2 सांसद इस श्रेणी में हैं। उत्तर प्रदेश में 31 में से 4, महाराष्ट्र में 19 में से 3 और तमिलनाडु में 18 में से 2 सांसदों ने ₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति घोषित की है।

ADR के अनुसार, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांसदों की घोषित संपत्ति को मिलाकर करीब ₹10,259 करोड़ बैठती है, जो 226 सांसदों की कुल ₹26,047 करोड़ संपत्ति का लगभग 39.4 फीसदी है।

क्या राज्यसभा सिर्फ अमीरों का सदन बन रही है?

आंकड़े राज्यसभा के मौजूदा सांसदों के बीच बहुत ज्यादा संपत्ति वाले लोगों की उल्लेखनीय मौजूदगी जरूर दिखाते हैं, लेकिन इन आंकड़ों से यह निष्कर्ष अपने आप नहीं निकलता कि सांसद बनने की एकमात्र वजह आर्थिक ताकत है।

राज्यसभा सांसदों की पृष्ठभूमि अलग-अलग होती है। इनमें कारोबारी, वकील, उद्योगपति, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग और अन्य पेशेवर शामिल हैं। उनकी संपत्ति भी अलग-अलग स्रोतों से आती है।

फिलहाल ADR के आंकड़े इतना जरूर बताते हैं कि ₹100 करोड़ से ज्यादा घोषित संपत्ति वाले सांसदों की संख्या राज्यसभा की मौजूदा सदस्यता में एक महत्वपूर्ण आर्थिक पैटर्न बन चुकी है। जून 2026 में 226 सांसदों की औसत घोषित संपत्ति ₹115.25 करोड़ और कुल घोषित संपत्ति ₹26,047 करोड़ थी।

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