MP: रेलवे स्टेशनों पर भटक रहे थे 2,057 बेसहारा लोग, GRP के ‘ऑपरेशन हमदर्द’ ने अपनों से मिलाया
मध्य प्रदेश में रेलवे स्टेशनों पर बेसहारा, लावारिस और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए जीआरपी ने विशेष अभियान चलाया। एक महीने तक चले ‘ऑपरेशन हमदर्द’ में 2,057 लोगों की पहचान की गई। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे। अभियान के दौरान कई बिछड़े बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया गया।
राजकीय रेलवे पुलिस ने भोपाल, इंदौर और जबलपुर रेलवे यूनिट्स के साथ मिलकर यह विशेष अभियान चलाया। एडीजी रेलवे राजा बाबू सिंह के निर्देश पर 1 जुलाई से 31 जुलाई तक रेलवे स्टेशनों और आसपास के इलाकों में बेसहारा लोगों की पहचान की गई। पुलिस का फोकस जरूरतमंदों की मदद करने के साथ बिछड़े लोगों को उनके परिवार तक पहुंचाने पर रहा।
1,556 पुरुष और 404 महिलाएं मिलीं
जीआरपी के आंकड़ों के मुताबिक अभियान के दौरान मिले 2,057 लोगों में 1,556 पुरुष और 404 महिलाएं शामिल थीं। इसके अलावा 39 लड़कियां, 56 लड़के और 2 ट्रांसजेंडर भी मिले। पुलिस ने संवेदनशीलता के साथ इन लोगों की स्थिति को समझने और उनके लिए जरूरी मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
159 लोगों को परिवार से मिलाया
अभियान के दौरान जीआरपी ने 159 लोगों को उनके परिवारों से सुरक्षित मिलाया। वहीं, 39 बेसहारा लोगों को शेल्टर होम या नाइट शेल्टर में पहुंचाया गया। इसका उद्देश्य उन्हें सुरक्षित रहने की जगह उपलब्ध कराने के साथ भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना था।
बिछड़े और लापता बच्चों पर खास नजर
‘ऑपरेशन हमदर्द’ के दौरान पुलिस को कई ऐसे नाबालिग भी मिले जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे। अधिकारियों के मुताबिक कुछ बच्चों के अपहरण या घर से अलग होने की जानकारी भी सामने आई। ऐसे बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। अभियान का यह हिस्सा पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण और मानवीय पहलुओं में से एक रहा।
काउंसलिंग के साथ पुनर्वास पर भी जोर
जीआरपी ने केवल लोगों की पहचान करने तक अभियान को सीमित नहीं रखा। जरूरतमंदों की काउंसलिंग की गई और उनकी परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया। जिन लोगों को तत्काल परिवार का सहारा नहीं मिल सका, उन्हें सुरक्षित शेल्टर होम और नाइट शेल्टर तक पहुंचाया गया, ताकि वे खुले में रहने को मजबूर न हों।
पीपुल्स यूनिवर्सिटी में हुआ समापन समारोह
एक महीने तक चले ‘ऑपरेशन हमदर्द’ के समापन पर शुक्रवार को पीपुल्स यूनिवर्सिटी के सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें भोपाल की मेयर मालती राय, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, यूनिवर्सिटी के कुलपति हरीश राव, एसपी रेल इंदौर यशपाल सिंह राजपूत, एसपी रेल भोपाल अंकित जायसवाल और वक्ता डॉ. रोहित त्रिवेदी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
अभियान ने दिखाया पुलिस का मानवीय चेहरा
‘ऑपरेशन हमदर्द’ के जरिए जीआरपी ने रेलवे स्टेशनों पर भटक रहे लोगों की पहचान, रेस्क्यू, काउंसलिंग और पुनर्वास की दिशा में काम किया। खासतौर पर बिछड़े बच्चों और परिवार से दूर लोगों को अपनों तक पहुंचाना इस अभियान की बड़ी उपलब्धि रही।



