Finance Guide: FD में 10-15 लाख लगाने से पहले जानें ये जरूरी नियम, वरना नुकसान
अगर आप 10 से 15 लाख रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ ज्यादा ब्याज दर देखना ही काफी नहीं है। निवेश विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी रकम एक ही FD में जमा करना कई बार नुकसानदायक साबित हो सकता है। इमरजेंसी, बीमा सुरक्षा और बेहतर रिटर्न जैसी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रकम को अलग-अलग FD में बांटना अधिक समझदारी भरा विकल्प माना जाता है।
अगर आपने 15 लाख रुपये की एक ही FD कराई और बाद में अचानक 2 या 3 लाख रुपये की जरूरत पड़ गई, तो आपको पूरी FD समय से पहले तुड़वानी पड़ सकती है।
ऐसी स्थिति में न सिर्फ प्री-मैच्योर विड्रॉल की पेनाल्टी लग सकती है, बल्कि बाकी रकम पर मिलने वाला ब्याज भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए विशेषज्ञ पूरी राशि को छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करने की सलाह देते हैं।
छोटी-छोटी FD कराने के 4 बड़े फायदे
1. इमरजेंसी में आसानी:
अगर 15 लाख रुपये की जगह 5-5 लाख रुपये की तीन अलग-अलग FD हों, तो जरूरत पड़ने पर केवल एक FD तोड़नी होगी। बाकी दो FD पर ब्याज मिलता रहेगा।
2. FD Laddering का फायदा:
अलग-अलग अवधि की FD बनाकर निवेशक बदलती ब्याज दरों का लाभ उठा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर एक FD दो साल और दूसरी पांच साल की अवधि के लिए कराई जा सकती है।
DICGC बीमा से मिलती है ज्यादा सुरक्षा
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार DICGC के तहत एक बैंक में प्रति जमाकर्ता अधिकतम 5 लाख रुपये (मूलधन और ब्याज सहित) तक ही बीमा सुरक्षा मिलती है।
ऐसे में यदि 15 लाख रुपये को तीन अलग-अलग बैंकों में 5-5 लाख रुपये की FD के रूप में रखा जाए, तो पूरी राशि बीमा सुरक्षा के दायरे में लाई जा सकती है।
हर लक्ष्य के लिए अलग FD बनाना भी फायदेमंद
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अलग-अलग FD को अलग-अलग वित्तीय जरूरतों से जोड़ना बेहतर रहता है। जैसे एक FD बच्चों की पढ़ाई, दूसरी इमरजेंसी फंड और तीसरी भविष्य की किसी बड़ी खरीदारी के लिए रखी जा सकती है। इससे निवेश का उद्देश्य स्पष्ट रहता है और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
मल्टीपल FD के कुछ नुकसान भी जान लें
एक से अधिक FD होने पर उनकी मैच्योरिटी डेट, ब्याज, टैक्स और रिन्यूअल पर नजर रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। आयकर रिटर्न दाखिल करते समय भी अलग-अलग ब्याज आय का हिसाब रखना पड़ता है।
इसके अलावा कुछ बैंक बड़ी राशि की एकमुश्त FD पर अतिरिक्त ब्याज दर देते हैं। यदि रकम को छोटे हिस्सों में बांट दिया जाए तो यह अतिरिक्त लाभ नहीं मिल पाता। अलग-अलग बैंकों के प्री-मैच्योर विड्रॉल नियम और पेनाल्टी भी अलग हो सकती है, इसलिए निवेश से पहले सभी शर्तें जरूर समझ लें।



