छत्तीसगढ़

क्लास में बच्चों के सामने अश्लील हरकत का आरोप, जांजगीर-चांपा के सरकारी स्कूल का हेडमास्टर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल से बेहद गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल के हेडमास्टर पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा के दौरान बच्चों के सामने अश्लील हरकत की और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करने की कोशिश की। बच्चों ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीण स्कूल पहुंच गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी हेडमास्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला पामगढ़ थाना क्षेत्र के डोंगाकोहरौद शासकीय प्राथमिक शाला का है। आरोप है कि स्कूल समय के दौरान हेडमास्टर भुवनेश्वर कौशिक ने कक्षा के पास बच्चों की मौजूदगी में अनुचित और अशोभनीय हरकत की। बच्चों के अनुसार, उन्होंने छात्राओं को भी अपने पास बुलाने की कोशिश की, जिससे वे घबरा गईं।

स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों ने पूरी घटना अपने परिवार वालों को बताई। इसके बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई और वे स्कूल पहुंच गए।

परिजनों ने बनाया वीडियो, पुलिस को दी सूचना

ग्रामीणों के स्कूल पहुंचने पर आरोपी हेडमास्टर का वीडियो भी बनाया गया। इसके बाद परिजनों ने तत्काल डायल-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को भीड़ से सुरक्षित निकालकर थाने ले गई। पुलिस ने छात्राओं और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

घटना की गंभीरता को देखते हुए जांजगीर-चांपा के कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पामगढ़ पुलिस के अनुसार, आरोपी हेडमास्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में बच्चों के बयान, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे मामलों में त्वरित तथा निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है।

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