बिलासपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद का कैदी जलती भट्ठी में कूदा! 30 दिनों में 5 कैदियों की मौत से उठे बड़े सवाल
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सेंट्रल जेल में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। उम्रकैद की सजा काट रहे 46 वर्षीय कैदी राहुल उर्फ विकेश कंवर की जेल परिसर में स्थित गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में कूदने से मौत हो गई। पिछले 30 दिनों में जेल के अंदर पांच कैदियों की मौत होने के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले की जांच के लिए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मृतक कैदी राहुल उर्फ विकेश कंवर चांपा क्षेत्र के बम्हनीडीह का रहने वाला था और दोहरे हत्याकांड के मामले में पिछले करीब 10 वर्षों से आजीवन कारावास की सजा काट रहा था।
बुधवार को जेल के किचन में लकड़ी से गैस बनाने वाला गैसीफायर प्लांट चालू था। इसी दौरान राहुल अचानक वहां पहुंचा और धधकती भट्ठी में कूद गया। मौजूद सुरक्षाकर्मी और अन्य कैदी जब तक उसे बाहर निकालने की कोशिश करते, तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुका था। अधिकारियों के अनुसार उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
एक महीने में पांच कैदियों की मौत
बिलासपुर सेंट्रल जेल में बीते एक महीने के दौरान लगातार कैदियों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है। बताया गया है कि 23 जून को पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी की जेल के भीतर हत्या हुई थी। इसके अलावा आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीन अन्य कैदियों की भी बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। अब राहुल कंवर की मौत के बाद पिछले 30 दिनों में मृत कैदियों की संख्या पांच हो गई है।
हालांकि, इन सभी मामलों के कारण और परिस्थितियां अलग-अलग बताई जा रही हैं तथा उनकी जांच भी अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया
घटना की सूचना मिलते ही बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह जेल पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक हुई थी।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बाद बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस जेल का नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। जेल के भीतर कैदियों के बीच हिंसक झड़प, प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी और मोबाइल फोन मिलने जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। अब लगातार हो रही मौतों ने जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हालांकि, इन घटनाओं के पीछे किसी एक समान कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। FSL रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
फिलहाल, जेल प्रशासन से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने जेलों में कैदियों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।



