छत्तीसगढ़

चींटियों ने रुकवा दी सर्जरी! दुर्ग जिला अस्पताल का OT 3 दिन से बंद, रोज टल रहे 5 ऑपरेशन

  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मदर-चाइल्ड यूनिट का ऑपरेशन थिएटर (OT) पिछले तीन दिनों से बंद पड़ा है। वजह है ऑपरेशन थिएटर में बड़ी संख्या में चींटियों का पहुंच जाना। संक्रमण के खतरे को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन OT बंद कर दिया है, जिससे रोजाना करीब पांच जरूरी ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्ग जिला अस्पताल के मदर-चाइल्ड यूनिट के ऑपरेशन थिएटर में बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई देने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण के जोखिम को देखते हुए तत्काल OT बंद करने का फैसला लिया। अस्पताल का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया, ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके।

हर दिन टल रहे हैं करीब 5 जरूरी ऑपरेशन

रिपोर्ट के अनुसार, OT बंद होने के कारण रोजाना लगभग पांच निर्धारित सर्जरी स्थगित करनी पड़ रही हैं। इसका सबसे अधिक असर हड्डी और आंखों के मरीजों पर पड़ा है, जिनके ऑपरेशन फिलहाल टाल दिए गए हैं। डॉक्टर मरीजों को नई तारीख देकर इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं। इससे इलाज में देरी होने की चिंता भी बढ़ गई है।

गर्भवती महिलाओं के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि गंभीर मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सिजेरियन डिलीवरी और अन्य जरूरी प्रसूति संबंधी ऑपरेशन दूसरे ऑपरेशन थिएटर में किए जा रहे हैं। सामान्य प्रसव की व्यवस्था भी वैकल्पिक OT में की गई है, ताकि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न हों।

दूसरे OT में बढ़ा काम का दबाव

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल का मेजर ऑपरेशन थिएटर अब अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। टांके काटने जैसी छोटी सर्जरी भी इसी OT में की जा रही हैं। अस्पताल में तीन जनरल सर्जन, दो नेत्र रोग विशेषज्ञ और दो ईएनटी विशेषज्ञ मौजूद हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण सभी मरीजों का इलाज तय समय पर करना चुनौती बन गया है।

पेस्ट कंट्रोल और निर्माण की खामियों पर उठे सवाल

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ऑपरेशन थिएटर में चींटियां आने के पीछे पेस्ट कंट्रोल में कमी और निर्माण कार्य के दौरान हुई कुछ तकनीकी खामियां जिम्मेदार हो सकती हैं। फिलहाल पूरे OT में पेस्ट कंट्रोल कराया जा रहा है और आवश्यक मरम्मत का काम भी जारी है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति न बने।

सिविल सर्जन ने क्या कहा?

सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज के मुताबिक, मदर-चाइल्ड यूनिट का OT बंद होने के बाद सभी जरूरी ऑपरेशन दूसरे ऑपरेशन थिएटर में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मरम्मत और पेस्ट कंट्रोल का काम अंतिम चरण में है और प्रयास किया जा रहा है कि अगले दो दिनों के भीतर ऑपरेशन थिएटर को फिर से शुरू कर दिया जाए। उनका कहना है कि मरीजों की सुरक्षा अस्पताल की पहली प्राथमिकता है।

अस्पतालों की रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सरकारी अस्पतालों में रखरखाव, स्वच्छता और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, समय पर पेस्ट कंट्रोल और तकनीकी रखरखाव बेहद जरूरी है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि मरम्मत का काम कब पूरा होता है और अस्पताल प्रशासन कब तक OT को दोबारा पूरी तरह चालू कर पाता है।

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