Punjab Update: आजादी दिवस पर नशे के खिलाफ जमीनी योद्धाओं का सम्मान, 31 अगस्त तक समीक्षा
पंजाब सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नशे के खिलाफ जमीन पर काम कर रहे लोगों को सम्मानित कर ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को नई ताकत दी है। अब 16 से 31 अगस्त तक गांवों से राज्य स्तर तक अभियान की समीक्षा होगी।
पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अब और मजबूत करने की तैयारी है। स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान गांव और वार्ड स्तर पर सक्रिय रक्षा समितियों के सदस्यों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सरकार का मकसद नशा विरोधी अभियान को सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय लोगों की सीधी भागीदारी वाली मुहिम बनाना है। इसी के तहत अब करीब दो सप्ताह तक गांवों में बैठकें, शिकायतों की समीक्षा और पुलिस कार्रवाई का जायजा लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया का समापन 31 अगस्त को होने वाली राज्य स्तरीय बैठक के साथ होगा।
स्वतंत्रता दिवस पर नशा विरोधी योद्धाओं का सम्मान
‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ग्राम रक्षा समितियों और वार्ड रक्षा समितियों के चयनित सदस्यों को अलग-अलग स्थानों पर सम्मानित किया गया। सरकार के मुताबिक, यह कदम उन लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए है, जो अपने इलाकों में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और प्रशासन तक जानकारी पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
जिले से गांव तक अधिकारियों ने किया सम्मान
जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों ने विधानसभा कोऑर्डिनेटरों और वाइस विधानसभा कोऑर्डिनेटरों को सम्मानित किया। सब-डिवीजन स्तर पर एसडीएम ने ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों का सम्मान किया। वहीं गांवों में स्कूलों और ग्राम पंचायतों की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां सरपंचों और ग्रामीणों ने रक्षा समिति के सदस्यों को सम्मानित किया।
16 से 25 अगस्त तक गांवों में होंगी बैठकें
अभियान का अगला चरण 16 से 25 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान हर गांव में ग्राम रक्षा समितियों की बैठक होगी। इनमें नशा तस्करी से जुड़ी शिकायतों, पहले मिली शिकायतों पर हुई कार्रवाई और लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। लोगों से नए सुझाव और फीडबैक भी लिया जाएगा।
26 से 29 अगस्त तक मंत्री करेंगे जिला समीक्षा
गांवों से मिली जानकारी को अगले चरण में जिला स्तर पर पहुंचाया जाएगा। 26 से 29 अगस्त के बीच कैबिनेट मंत्री जिला समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। इन बैठकों में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अलग-अलग स्तरों के कोऑर्डिनेटर शामिल होंगे। गांवों से आए फीडबैक के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
31 अगस्त को भगवंत मान करेंगे राज्य स्तरीय समीक्षा
पूरे अभियान की अंतिम समीक्षा 31 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में होगी। बैठक में सभी जिलों की प्रगति का जायजा लिया जाएगा और अभियान के अगले चरण के लिए नई कार्ययोजना तैयार होगी। सरकार का लक्ष्य ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ को लगातार चलने वाले जनअभियान का रूप देना है, जिसमें प्रशासन के साथ आम लोगों की भागीदारी भी अहम रहे।



