‘वंदे मातरम्’ के पूरे छह अंतरों पर सोनिया गांधी ने जताई आपत्ति? BJP के आरोप पर कांग्रेस ने दिया जवाब
कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूरे छह अंतरे गाए जाने को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी ने सोनिया गांधी पर इसे रोकने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इसे गलत बताते हुए अलग वजह बताई।
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए। कार्यक्रम में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेता मौजूद थे। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें सोनिया गांधी खरगे की ओर इशारा करती नजर आ रही हैं। बीजेपी ने इसी दृश्य को आधार बनाकर दावा किया कि सोनिया गांधी पूरे छह अंतरे गाए जाने से असहज थीं और उन्होंने इसे रोकने का संकेत दिया। आरोप सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे तुरंत खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी का इशारा गीत रोकने के लिए नहीं था, बल्कि वह काफी देर से खड़े खरगे के लिए कुर्सी मंगवाने की बात कर रही थीं।
BJP ने लगाया गंभीर आरोप
बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ की शुरुआती पंक्तियों के बाद सोनिया गांधी असहज दिखाई दीं और गीत को आगे बढ़ाने के बजाय रोकने का संकेत दिया। मालवीय ने इसे राष्ट्रीय गीत के प्रति कथित अनादर से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए।
बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी कांग्रेस नेतृत्व को घेरा। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे को संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के गायन से आपत्ति होती दिखाई दे रही है। बीजेपी नेताओं ने इस घटना को कांग्रेस की राष्ट्रवादी सोच से जोड़कर राजनीतिक हमला तेज कर दिया।
कांग्रेस ने आरोप को बताया गलत
कांग्रेस ने बीजेपी के दावे को पूरी तरह खारिज किया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह अंतरे पूरे गाए गए और इसे रोकने की कोई कोशिश नहीं हुई। उनके मुताबिक सोनिया गांधी खरगे की ओर इसलिए इशारा कर रही थीं क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष काफी देर से खड़े थे और उनके लिए कुर्सी लाने को कहा जा रहा था।
‘वंदे मातरम्’ पर पहले से चल रही बहस
‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में पहले से राजनीतिक और ऐतिहासिक बहस चल रही है। केंद्र सरकार ने औपचारिक आयोजनों में गीत के पूरे छह अंतरों के इस्तेमाल को लेकर प्रोटोकॉल जारी किया है। इस साल स्वतंत्रता दिवस के लाल किला समारोह में भी पहली बार पूरे छह अंतरों का गायन राष्ट्रगान से पहले कराया गया।
राष्ट्रगीत को कानूनी संरक्षण देने के लिए 2026 में संबंधित कानून में संशोधन भी किया गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून के तहत अतिरिक्त कानूनी संरक्षण मिला है।
एक वीडियो से फिर गरम हुई सियासत
फिलहाल विवाद का केंद्र वही वीडियो बना हुआ है, जिसमें सोनिया गांधी कुछ कहते हुए दिखाई देती हैं। बीजेपी इसे गीत रोकने का संकेत बता रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वीडियो की घटना को गलत अर्थ दिया जा रहा है। यानी ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गायन हुआ या नहीं, इस पर विवाद से ज्यादा अब बहस इस बात पर है कि सोनिया गांधी के इशारे का असली मतलब क्या था।



