राम मंदिर चढ़ावा केस : सुप्रीम कोर्ट ने फिर SIT बनाने को कहा
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने बड़ा आदेश देते हुये अदालत का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने SIT के पुनर्गठन की बात भी कही।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सोमवार को सुनवाई करते हुये आदेश दिया है कि इस मामले की जांच के लिये SIT का पुनर्गठन किया जाय । पीठ ने यह भी कहा है कि इस नई पीठ का नेतृत्व कोई आईपीएस अधिकारी करे । मामले की सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केस की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है । उन्होंने बताया कि इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है।
जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने सुनवाई करते हुये सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि इस मामले की जांच कौन कर रहा है ? तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामला संज्ञान ने आने के बाद सच्चाई का पता लगाने के लिये SIT का गठन किया गया था। अब इस मामले की जांच पुलिस कर रही है। SIT ने जांच के दौरान इस मामले को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में माना।
मी लॉर्ड ने कहा : नो पॉलिटिक्स
चीफ जस्टिस ने कहा कि ” 3-4 दिन बाद इस मामले पर सुनवाई करेंगे और जांच के पहलू पर गौर करेंगे। SIT में सीनियर सदस्य थे। कृपया पता करें की क्या जांच के लिये SIT गठित की जा सकती है ?” इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार इसे बनायेगी और रिकॉर्ड पर रखेगी। मामले पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने एक और अहम सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण न किया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि ” अदालतें राजनीति की जगह नहीं हैं। यह अपराध का एक साधारण मामला है। हमें यह बात सुनिश्चित करना है कि जांच ठीक से हो।” चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि ” यह सीधे-सीधे अपराध को अंजाम देने का मामला है। हम यहां केवल इसकी उचित जांच सुनिश्चित करने के लिये हैं। ”
अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। अगली सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार SIT जांच के बारे में शीर्ष अदालत को बतायेगी। सोमवार को अदालत की सुनवाई को बाद शीर्ष कोर्ट का रुख स्पष्ट हो गया है । एक- अदालत राजनीतिक बयान बाजियों से बिना प्इरभावित हुये इस मामले को शुद्ध रूप से अपराध की नजर से देख रही है।
दूसरा- SIT के पुनर्गठन का रास्ता साफ हुआ है जिसकी अगुवाई को IPS करेगा ।




