मध्य प्रदेश में आदिवासी बच्चों की मौत पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत की रिपोर्टों पर राहुल गांधी ने मोहन यादव सरकार की आलोचना की। स्वास्थ्य व्यवस्था और कुपोषण को लेकर उठाए सवाल
भोपाल/नई दिल्ली |
17 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत की रिपोर्टों को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने बीमारी, कुपोषण, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े किए।

बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत की रिपोर्ट
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बीमारी, कुपोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच बच्चों की जान जा रही है।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की कथित धीमी प्रतिक्रिया और संवेदनशीलता की कमी पर भी सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से क्या कहा?
राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए राज्य की जमीनी स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।
उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था के कथित रूप से कमजोर होने, बीमारी नियंत्रण की अपर्याप्त व्यवस्था, पोषण की कमी, मिलावटी दवाओं और अवैध शराब से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। ये आरोप राहुल गांधी के सार्वजनिक बयान के रूप में सामने आए हैं। 
स्वास्थ्य व्यवस्था और कुपोषण पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न वर्गों, जिनमें आदिवासी, दलित, गरीब, बच्चे, महिलाएं और पिछड़े वर्ग शामिल हैं, को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार को लेकर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अक्षमता के आरोप भी लगाए। ये राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें राहुल गांधी के बयान के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में आदिवासी बस्तियों से बुखार, चकत्ते और मौतों की रिपोर्टों के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से निगरानी, मेडिकल स्क्रीनिंग, जांच, उपचार और टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से मोबाइल मेडिकल यूनिट, अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं, रेफरल व्यवस्था और बीमारी के प्रकोप से निपटने के लिए टीकाकरण संबंधी कदम उठाए गए हैं। 
मौतों के कारणों की जांच जारी
स्वास्थ्य संबंधी जांच में खसरा, मलेरिया, खसरा-मलेरिया सह-संक्रमण, सांस लेने में परेशानी, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक जैसे कई चिकित्सकीय कारकों का उल्लेख किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य के बिना सभी मौतों को किसी एक रोगजनक या संक्रमण से जोड़ना उचित नहीं है। इसलिए मौतों के कारणों को लेकर विस्तृत जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन महत्वपूर्ण है। 
19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी का कार्यक्रम
राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। इस दौरान वे छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे।
बालाघाट की घटनाओं पर उनके बयान से पहले ही मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत की रिपोर्टों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, पोषण और दूरदराज के इलाकों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच से जुड़े सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने इन मुद्दों को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है, जबकि प्रशासन की ओर से निगरानी, उपचार और टीकाकरण जैसे कदम उठाए जाने की जानकारी दी गई है।
मौतों की वास्तविक संख्या, उनके कारणों और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।



