विदेशी नेताओं को गले लगाना ही विदेश नीति?’ राहुल गांधी का PM मोदी पर तंज, मेलोनी का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने विदेशी नेताओं से मुलाकात और गले मिलने को लेकर सवाल उठाते हुए ईरान युद्ध, पाकिस्तान की भूमिका और चीन के साथ सीमा विवाद पर भी केंद्र सरकार को घेरा।
राहुल गांधी ने रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विदेशी नेताओं से गले मिलना ही विदेश नीति का आधार है। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को मंच पर गले लगाया। दीक्षित ने मजाक में पूछा कि कहीं वह उन्हें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगा रहे। राहुल ने भी हल्के अंदाज में जवाब दिया, जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया।
ईरान युद्ध को लेकर सरकार पर निशाना
राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान भारत की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ भारत के पुराने संबंध हैं, जबकि अमेरिका और रूस भी भारत के महत्वपूर्ण साझेदार रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे समय में भारत अपनी कूटनीतिक क्षमता का इस्तेमाल करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव बढ़ा सकता था। राहुल ने दावा किया कि सरकार इस अवसर का इस्तेमाल करने में सफल नहीं रही।
‘पाकिस्तान ने भारत की जगह ले ली’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ईरान संकट के दौरान भारत की निष्क्रियता का फायदा पाकिस्तान को मिला। उन्होंने कहा कि जिस भूमिका में भारत को आगे आना चाहिए था, वहां पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में दिखाई दिया। राहुल के मुताबिक, भारत के पास अपने पुराने और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संबंधों का इस्तेमाल करते हुए वैश्विक कूटनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर था। उन्होंने इसकी तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व से भी की।
चीन के मुद्दे पर भी केंद्र को घेरा
राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में चीन ने भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग पर रोक लगाई है। राहुल ने विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश से जुड़े इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि चीन की ओर से ऐसी स्थिति बनाई गई है, जिसमें भारत की जमीन होने के बावजूद वहां गश्त करने को लेकर बाधा का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की नीति और जवाब को लेकर सवाल उठाए।
विदेश नीति पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
राहुल गांधी के बयान से एक बार फिर विदेश नीति राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार की कूटनीतिक प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय संकटों में भारत की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान में ईरान, अमेरिका, रूस, पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर कई राजनीतिक आरोप शामिल रहे। अब देखना होगा कि इन आरोपों पर केंद्र सरकार और बीजेपी की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



