कानपुर में पिता की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, बेटे पर सुपारी देकर हत्या कराने का आरोप; मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कल्याणपुर थाना क्षेत्र में 5 सितंबर को हुई विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके बेटे सुव्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश संपत्ति और कर्ज से जुड़े विवाद के चलते रची गई थी।
खबर एक्सप्रेस 24 ब्यूरो।
कानपुर: कल्याणपुर थाना क्षेत्र में 5 सितंबर को हुई विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक के बेटे सुव्रत मिनोचा ने कथित तौर पर अपने पिता की हत्या की साजिश रची और विशाल गौतम तथा राजकिशोर को सुपारी देकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। पुलिस ने विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर सुव्रत मिनोचा को गिरफ्तार किया है।
मेडिकल स्टोर पर काम करता था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, मामले में सामने आए आरोपी विशाल गौतम ने वर्ष 2010 से 2022 तक विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर काम किया था। वर्ष 2022 में चोरी के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद विनीत मिनोचा और विशाल गौतम के बीच संबंध खराब हो गए थे।
डुप्लीकेट चाबी से घर में दाखिल होने की योजना
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विशाल गौतम ने बताया कि हत्या की योजना सुव्रत मिनोचा ने बनाई थी। आरोप है कि सुव्रत ने विशाल और राजकिशोर के जरिए फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बनवाई। योजना के मुताबिक, 5 सितंबर को घर के अन्य सदस्य बाहर चले जाएं, इसके बाद दोनों डुप्लीकेट चाबी से घर में दाखिल हों और तकिये की मदद से विनीत मिनोचा की हत्या कर दें।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद इसे स्वाभाविक मौत का रूप देने की योजना बनाई गई थी।
संपत्ति और कर्ज को लेकर सामने आई वजह
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुव्रत ने कथित तौर पर बताया कि उसे आशंका थी कि उसके पिता के दूसरी महिलाओं से संबंधों के चलते भविष्य में कोई व्यक्ति संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा कर सकता है। इसके अलावा उस पर काफी कर्ज भी था।
पुलिस ने यह भी दावा किया है कि सुव्रत जुआ और शराब का आदी था। जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले पिता को सड़क हादसे में मारने की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी।
CCTV और वैज्ञानिक साक्ष्यों से मिले सुराग
पुलिस के मुताबिक, हत्या की जांच के दौरान CCTV फुटेज, CDR, वैज्ञानिक साक्ष्यों और आरोपियों की निशानदेही से महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच टीम ने फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी बरामद की है।
इसके अलावा घटना के समय राजकिशोर द्वारा पहने गए कथित रक्तरंजित कपड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, डुप्लीकेट चाबी बनाने वाले व्यक्ति ने विशाल गौतम की पहचान की।
सुव्रत और विशाल की लोकेशन भी मिली एक साथ
पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले सुव्रत और विशाल की लोकेशन कई बार एक ही स्थान पर मिली थी। डुप्लीकेट चाबी बनवाने के दौरान दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी हुई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद दोनों ने अपने मोबाइल फोन से आपस में हुई WhatsApp चैट डिलीट कर दी थी। पुलिस के अनुसार, विशाल ने घटना से करीब तीन दिन पहले नया SIM भी लिया था।
शालू मिनोचा की भूमिका पर भी हुई जांच
पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में विशाल गौतम ने हत्या की साजिश में शालू मिनोचा का नाम लिया था। हालांकि, विवेचना के दौरान पुलिस को शालू की संलिप्तता के पुष्टिकारक साक्ष्य नहीं मिले।
पुलिस का दावा है कि सुव्रत ने खुद को बचाने के लिए अपनी पत्नी को मामले में फंसाने की योजना बनाई थी।
पुलिस ने बेटे को बताया मुख्य आरोपी
विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सुव्रत मिनोचा को हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की जांच में सामने आए आरोप और साक्ष्य अदालत में परीक्षण के अधीन होंगे। आरोपियों को दोषी ठहराने का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।



