जंतर-मंतर पर कथित आतंकी साजिश का दावा, 4 नाबालिग समेत 9 गिरफ्तार; ISI कनेक्शन की जांच
पंजाब पुलिस ने कथित आतंकी साजिश के मामले में 4 नाबालिगों सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में दिल्ली के जंतर-मंतर, संदिग्ध ISI कनेक्शन और स्थानीय नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
पंजाब पुलिस ने एक कथित आतंकी साजिश का खुलासा करने का दावा करते हुए चार नाबालिगों सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है और जांच के दौरान मामले का कनेक्शन दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। साथ ही कथित विदेशी हैंडलिंग, स्थानीय सहयोग और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है।
चार नाबालिगों सहित नौ लोगों को किया गया गिरफ्तार
अमृतसर पुलिस के मुताबिक इस मामले में दो अलग-अलग समूहों से जुड़े कुल नौ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से बोतल बम, पिस्तौल, कारतूस और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। बरामद सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि उसके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके।
जांच में सामने आया जंतर-मंतर कनेक्शन
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि आरोपियों में शामिल कुछ लोग दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उस समय एक धरना चल रहा था। पुलिस का दावा है कि वहां किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की कथित योजना बनाई गई थी।
हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण कोई घटना नहीं हो सकी और आरोपी अपने कथित इरादे पूरे किए बिना पंजाब लौट गए।
कथित ISI लिंक की भी हो रही जांच
पुलिस ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित संपर्क की संभावना की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों को निर्देश कहां से मिल रहे थे, उनके संपर्क किन लोगों से थे और क्या इस पूरे मामले में कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
स्थानीय मदद और फंडिंग की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों को दिल्ली या अन्य स्थानों पर किसी स्थानीय व्यक्ति या समूह से सहायता मिली थी।
इसके अलावा विदेशी फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति, लॉजिस्टिक सपोर्ट और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण कर रही है।
अभी शुरुआती चरण में है जांच
पुलिस का कहना है कि मामला अभी जांच के शुरुआती दौर में है और कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और मामले के हर पहलू की विस्तार से जांच करने में जुटी हुई हैं।



