युवाओं को गुमराह करना बंद करें’, ट्रोलिंग पर बोलीं कंगना रनौत; रील और रियल लाइफ का बताया फर्क
अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के पुराने किरदारों के वीडियो शेयर कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा था। इस पर कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और वास्तविक जीवन पूरी तरह अलग होते हैं। उन्होंने लोगों से युवाओं को भ्रमित न करने और रील व रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की।
हाल ही में कंगना रनौत ने एक समसामयिक मुद्दे पर अपनी राय रखी थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनकी फिल्मों के पुराने क्लिप्स शेयर कर उनकी आलोचना शुरू कर दी। इन वीडियो के जरिए उनके ऑन-स्क्रीन किरदारों की तुलना उनके सार्वजनिक बयानों से की जा रही थी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कहा कि किसी अभिनेता द्वारा निभाया गया फिल्मी किरदार उसके निजी विचारों या वास्तविक जीवन का प्रतिनिधित्व नहीं करता। उनके मुताबिक, अभिनय एक पेशा है और कलाकार अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हैं।
‘रील और रियल लाइफ में फर्क समझिए’
कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि फिल्मों में निभाए गए किरदारों के लिए उन्हें मेहनताना मिलता है और वे पूरी टीम, सुरक्षा व्यवस्था तथा पेशेवर माहौल में शूट किए जाते हैं। ऐसे दृश्यों की तुलना आम युवाओं की वास्तविक जिंदगी से करना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के उदाहरण देकर किशोरों और युवाओं को यह संदेश देना कि वे भी वास्तविक जीवन में वैसा ही व्यवहार करें, उचित नहीं है। उनके अनुसार, सिनेमा और वास्तविक जीवन की परिस्थितियां पूरी तरह अलग होती हैं।
‘युवाओं को गुमराह करना बंद करें’
कंगना ने अपने पोस्ट में लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर अधूरी या भ्रामक तुलना करके युवाओं को गुमराह न करें। उन्होंने लिखा कि आज अगर दूसरे के बच्चों को गलत संदेश दिया जाएगा तो भविष्य में इसका असर सभी पर पड़ सकता है।
उनका कहना था कि सार्वजनिक चर्चा में जिम्मेदारी जरूरी है और फिल्मों के काल्पनिक किरदारों को वास्तविक जीवन के व्यवहार का मानक नहीं बनाया जाना चाहिए।
पुराना संसदीय भाषण भी किया साझा
कंगना ने अपने पुराने संसदीय भाषण का वीडियो भी दोबारा साझा किया। यह भाषण उस समय का था जब वह पहली बार सांसद बनने के बाद लोकसभा पहुंची थीं। उस दौरान भी उन्होंने अपने फिल्मी किरदारों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने दोहराया कि अभिनय उनके पेशे का हिस्सा है और किसी फिल्म में निभाए गए ग्लैमरस या बोल्ड किरदार को उनके व्यक्तिगत जीवन या विचारधारा से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
कंगना के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फिर से बहस छिड़ गई है। एक वर्ग उनके तर्कों का समर्थन कर रहा है और कह रहा है कि कलाकार के पेशे और निजी जीवन में अंतर किया जाना चाहिए। वहीं कुछ लोग अब भी उनके बयानों और फिल्मी भूमिकाओं के बीच तुलना कर अपनी राय रख रहे हैं। फिलहाल कंगना का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।



