उत्तर प्रदेश

UP Protest: यूपी में CJP के समर्थन में छात्रों-वकीलों का प्रदर्शन, कई शहरों में विरोध तेज

दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के समर्थन में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। विभिन्न छात्र संगठनों, वकीलों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग तरीकों से अपनी नाराजगी जताई। कहीं जुलूस निकाला गया, कहीं गुलाब देकर विरोध दर्ज कराया गया तो कहीं शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी।

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। प्रयागराज, मेरठ, कानपुर, लखीमपुर, गोरखपुर और ललितपुर समेत कई शहरों में छात्र संगठनों, वकीलों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया।कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से देशव्यापी आंदोलन की अपील के बाद प्रदेशभर में पुलिस भी अलर्ट मोड पर रही। कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

प्रयागराज में वकीलों का मार्च, छात्रों के समर्थन में 

प्रयागराज में वकीलों ने छात्रों के समर्थन में जुलूस निकालकर आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग उचित नहीं है और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। वकीलों का कहना था कि यदि युवाओं की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए नहीं होगा तो विरोध का दायरा और व्यापक हो सकता है।

मेरठ में प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर जताया विरोध

मेरठ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पुलिस ने अर्थी को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे कुछ देर के लिए हल्का तनाव भी देखने को मिला। घटनास्थल पर एक कार्यकर्ता सड़क पर लेट गया, जिसके बाद पुलिस उसे हटाकर अपने साथ ले गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।

कानपुर और लखीमपुर में अलग अंदाज में प्रदर्शन

कानपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक ने ढपली बजाकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों के मन में लगातार सवाल उठ रहे हैं। वहीं लखीमपुर में छात्रों ने हाथों में तिरंगा और पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को गुलाब का फूल देकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग रखी।

गोरखपुर और ललितपुर में भी दिखा आंदोलन का असर

गोरखपुर में आम आदमी पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं को एहतियातन हाउस अरेस्ट कर लिया। प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। ललितपुर में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन कर पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए।

राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज

प्रदर्शन के साथ-साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने शिक्षा मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। वहीं राम गोपाल यादव और इकरा हसन ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। उन्होंने विपक्ष से भी इस दिशा में सहयोग की अपील की।

शांतिपूर्ण विरोध और कानून-व्यवस्था दोनों पर नजर

प्रदेशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। फिलहाल छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत या आगे की रणनीति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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