Breaking Newsबिज़नेस

दुबई-अमृतसर एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट के 8 क्रू मेंबर्स सस्पेंड, साइकोएक्टिव टेस्ट में 35 मिनट की देरी बनी वजह

एयर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई-अमृतसर फ्लाइट में 8 क्रू मेंबर्स सस्पेंड। साइकोएक्टिव टेस्ट और पोस्ट-फ्लाइट डिक्लेरेशन में 35 मिनट की देरी के बाद कार्रवाई।

आशुतोष शर्मा | न्यूज़ रिपोर्ट

दुबई से अमृतसर आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में उड़ान के दौरान विमान की ऊंचाई लगभग 300 फीट कम होने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। लैंडिंग के बाद निर्धारित समय सीमा में पोस्ट-फ्लाइट डिक्लेरेशन और साइकोएक्टिव-सबस्टेंस टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने में देरी के चलते एयरलाइन ने 8 क्रू मेंबर्स को 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है। वहीं, डीजीसीए ने जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से हटा दिया है।

उड़ान के दौरान 300 फीट नीचे आया विमान

यह घटना 2 अगस्त की बताई जा रही है। दुबई से अमृतसर आ रही एयरबस A320 फ्लाइट के क्रूजिंग फेज में विमान की ऊंचाई अचानक लगभग 300 फीट कम हो गई। घटना के बाद एविएशन सेफ्टी प्रोटोकॉल के तहत क्रू मेंबर्स की साइकोएक्टिव-सबस्टेंस और अल्कोहल स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। शुरुआती स्क्रीनिंग में पायलट-इन-कमांड के नतीजों के बाद कन्फर्मेटरी टेस्ट की जरूरत सामने आने की बात कही गई है।

2 घंटे की जगह 2 घंटे 35 मिनट बाद जमा हुआ डिक्लेरेशन

मामले में मुख्य कार्रवाई पोस्ट-फ्लाइट डिक्लेरेशन जमा करने में हुई देरी को लेकर की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ान की लैंडिंग के बाद निर्धारित 2 घंटे की समय सीमा के बजाय क्रू सदस्यों ने 2 घंटे 35 मिनट बाद रिपोर्ट जमा की।
यानी अनिवार्य प्रक्रिया पूरी करने में 35 मिनट की देरी हुई। इसी देरी को लेकर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने सभी 8 क्रू मेंबर्स को 3 महीने के लिए निलंबित कर दिया।

साइकोएक्टिव टेस्ट में सभी 8 क्रू मेंबर्स की रिपोर्ट नेगेटिव

एयरलाइन के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनिवार्य जांच के दौरान सभी 8 क्रू मेंबर्स की साइकोएक्टिव-सबस्टेंस टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
हालांकि, रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया में देरी को लेकर कार्रवाई की गई। घटना की विस्तृत जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी दी गई है।

दोनों पायलटों को जांच पूरी होने तक रोस्टर से हटाया

डीजीसीए ने मामले की जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान ड्यूटी से अलग कर दिया है। इसका मतलब है कि जांच लंबित रहने के दौरान दोनों पायलटों को फ्लाइट ऑपरेशन के लिए रोस्टर में शामिल नहीं किया जाएगा।
जांच के दौरान घटना से जुड़े उड़ान संचालन, सुरक्षा प्रक्रिया और निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन की समीक्षा की जा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पोस्ट-फ्लाइट टेस्ट क्यों जरूरी?

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के क्रू के लिए पोस्ट-फ्लाइट अल्कोहल और साइकोएक्टिव-सबस्टेंस टेस्ट विमानन सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उड़ान संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों का पालन हो।
निर्धारित समय सीमा में जांच और डिक्लेरेशन की प्रक्रिया पूरी करना क्रू की जिम्मेदारियों में शामिल है। नियमों के उल्लंघन या प्रक्रिया में देरी की स्थिति में नियामक और एयरलाइन स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।

जांच के बाद सामने आएगी तस्वीर

दुबई-अमृतसर एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट से जुड़े इस मामले में 8 क्रू मेंबर्स के निलंबन और दोनों पायलटों को रोस्टर से हटाए जाने की कार्रवाई सामने आई है। साइकोएक्टिव टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव होने के बावजूद प्रक्रिया में हुई देरी जांच का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है।
नोट: प्रकाशन से पहले घटना, निलंबन की अवधि और डीजीसीए की कार्रवाई से संबंधित आधिकारिक पुष्टि अवश्य जांच लें।

Related Articles

Back to top button