हुस्न बना हथियार… प्यार का जाल बिछाकर मौत देता था ये ‘बिकिनी किलर’, 50 साल बाद भी बरकरार है इसका रहस्य!
वह कभी हीरे का कारोबारी बनता, कभी विदेशी पर्यटक तो कभी बेहद अमीर बिजनेसमैन। चेहरे पर मासूम मुस्कान और बातों में ऐसा जादू कि लोग कुछ ही घंटों में उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लेते थे। लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं होता था कि जिसके साथ वे सफर कर रहे हैं, वही उनकी जिंदगी का आखिरी साथी साबित हो सकता है।
1970 के दशक में एशिया के कई देशों में विदेशी पर्यटक रहस्यमयी तरीके से गायब होने लगे। शुरुआत में पुलिस को लगा कि ये सामान्य गुमशुदगी के मामले हैं, लेकिन जैसे-जैसे लाशें मिलने लगीं, एक खौफनाक पैटर्न सामने आने लगा। हर नए केस के साथ जांच एजेंसियों की उलझन बढ़ती गई और ऐसा लगने लगा कि कोई बेहद शातिर दिमाग पुलिस से कई कदम आगे चल रहा है। जांच एजेंसियों को बाद में पता चला कि इन घटनाओं के पीछे एक ऐसा शख्स था, जो अपने आकर्षक व्यक्तित्व और मीठी बातों से लोगों को फंसा लेता था। दुनिया उसे ‘बिकिनी किलर’ चार्ल्स शोभराज के नाम से जानने लगी।
पहले दोस्ती… फिर जहर… और फिर मौत
चार्ल्स पहले अपने शिकार से दोस्ती करता। वह खुद को कभी कारोबारी, कभी मददगार तो कभी अमीर पर्यटक बताकर लोगों का भरोसा जीत लेता था। उसके सामने आने वाले लोगों को शायद ही कभी अंदाजा होता कि वे मौत के इतने करीब पहुंच चुके हैं। फिर वह उन्हें महंगी पार्टियों, घूमने और मदद का भरोसा देता। इसके बाद नशीला पदार्थ देकर बेहोश करता, उनका सामान लूटता और कई मामलों में उनकी हत्या कर देता। कई पीड़ितों के शव बिकिनी पहनकर मिलने के कारण उसे ‘बिकिनी किलर’ कहा गया।
पुलिस को भी देता रहा चकमा
उसकी सबसे बड़ी ताकत सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि उसका तेज दिमाग था। वह नकली पहचान, फर्जी पासपोर्ट और अलग-अलग देशों की सीमाओं का फायदा उठाकर बार-बार जांच एजेंसियों की पकड़ से बच निकलता था। कई बार पुलिस उसके बेहद करीब पहुंची, लेकिन हर बार वह ऐसा गायब होता जैसे कभी वहां था ही नहीं। जेल से फरार होने तक की घटनाओं ने उसे दुनिया के सबसे रहस्यमयी अपराधियों में शामिल कर दिया। यही वजह थी कि उसका नाम सुनते ही कई देशों की पुलिस अलर्ट हो जाती थी।
क्यों नहीं भूलती दुनिया यह नाम?
चार्ल्स शोभराज पर कई देशों में हत्या और धोखाधड़ी के आरोप लगे। उसकी जिंदगी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी, इसलिए उस पर किताबें लिखी गईं, डॉक्यूमेंट्री बनीं और अंतरराष्ट्रीय वेब सीरीज भी तैयार की गईं। दशकों बीत जाने के बाद भी लोग उसकी कहानी को जानना चाहते हैं, क्योंकि उसके कई अपराधों के जवाब आज भी पूरी तरह नहीं मिल पाए हैं। यही रहस्य उसे दुनिया के सबसे चर्चित ट्रू-क्राइम किरदारों में शामिल करता है।
हुस्न हमेशा खूबसूरत नहीं होता…
चार्ल्स शोभराज का मामला यह बताता है कि कई बार सबसे बड़ा खतरा हथियार लेकर सामने नहीं आता, बल्कि मुस्कुराते चेहरे और मीठी बातों के पीछे छिपा होता है। उसका आकर्षक व्यक्तित्व ही उसकी सबसे बड़ी ढाल था, जिसने न जाने कितने लोगों को धोखे में रखा। यही वजह है कि आज भी जब दुनिया के सबसे खौफनाक ट्रू क्राइम मामलों का जिक्र होता है, तो चार्ल्स शोभराज का नाम सबसे पहले लिए जाने वाले अपराधियों में शामिल रहता है। उसकी कहानी यह भी सिखाती है कि हर चमकती हुई चीज भरोसे के लायक नहीं होती।



