10 अप्रैल से कैट द्वारा देश भर के 75 शहरों में उद्यम आधार पंजीकरण का राष्ट्रीय अभियान शुरू होगा

रायपुर । कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं मीड़िया प्रभारी संजय चौंबे ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में वर्तमान में चलने वाले आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) देश भर के 75 शहरों में 75 लाख व्यापारियों को उद्यम आधार में पंजीकृत कराने के लिए आगामी 10 अप्रैल से एक राष्ट्रीय अभियान को शुरू करने की घोषणा की है ! कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया की देश के सभी राज्यों के चिन्हित 75 प्रमुख शहरों में स्थानीय व्यापारिक संगठनों के सहयोग से कैट की 75 टीम सभी शहरों में आगामी 10 अप्रैल से यह कार्यक्रम शुरू करेंगी ! सभी राज्यों की राजधानियों के अलावा राज्यों के अन्य प्रमुख शहरों को इस अभियान के लिए चिन्हित किया गया है।
ज्ञातव्य है की पिछले दिनों कैट का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पियूष गोयल से देश के घरेलू व्यापार से संबंधित अनेक विषयों को लेकर मिला था जिसमें चर्चा के दौरान श्री गोयल ने कैट प्रतिनिधिमंडल से उद्यम आधार योजना को तेजी से देश भर के व्यापारियों के बीच ले जाकर इस योजना में व्यापारियों को ज्यादा से ज्यादा पंजीकृत करने का आग्रह किया था जिससे व्यापारियों को इस योजना का बड़ा लाभ मिल सके।
दोनों व्यापारी नेताओं ने बताया की पूर्व में व्यापारी भी एमएसएमई की परिभाषा में शामिल थे किन्तु वर्ष 2017 में एक ऑफिस आर्डर द्वारा उन्हें इस परिभाषा से निकाल दिया था ! उसके बाद से कैट लगातार इस मुद्दे को सरकार के साथ उठाता रहा और केंद्र सरकार ने व्यापारियों को इस परिभाषा में दोबारा जोड़ने का निर्णय लिया जिसके अनुरूप रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने 7 जुलाई 2021 को एक आर्डर जारी कर प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के लिए व्यापारियों को इस परिभाषा के अंतर्गत जोड़ने का आदेश दिया।
श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने बताया की उद्यम आधार से पंजीकृत व्यापारियों को बैंकों से क़र्ज़ प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत औरों से कम ब्याज दर पर मिल सकता है जिससे वर्तमान में वित्त की तंगी से जूझ रहे व्यापारियों को बड़ी राहत मिल सकती है ! कोरोना के कारण पिछले दो वर्षों से व्यापारी अपने सामान्य व्यापर से महरूम हैं जिसके कारण बेहद आर्थिक तंगी का सामना उन्हें करना पड़ रहा है
श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने यह भी कहा की यदि देश भर के व्यापारियों ने इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण कर लिया तो फिर एमएसएमई सेक्टर को मिलने वाली अन्य अनेक सुविधाओं और राहत योजनाओं का भी लाभ व्यापारियों को मिल सके, उसका दावा भी मजबूत होगा ! इस योजना के अंतर्गत 5 करोड़ तक की वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को माइक्रो , 5 करोड़ से 75 करोड़ वार्षिक टर्नओवर वालों को स्माल तथा 75 करोड़ से 250 करोड़ तक की वार्षिक टर्नओवर वालों को मीडियम एंटरप्राइज का दर्ज़ा प्राप्त होगा ! उन्होंने बताया की देश भर का कोई भी व्यापारी एमएसएमई के पोर्टल पर जाकर स्वयं उद्यम के अंतर्गत पंजीकरण नि शुल्क कर सकता है वहीँ जो व्यापारी किसी एजेंसी के जरिये पंजीकरण करना चाहते हैं तो कैट ने विभिन्न एजेंसियों को चिन्हित किया है जो मामूली शुल्क लेकर व्यापारियों का पंजीकरण करेंगी।

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